यमुनानगर। यमुनानगर के रादौर थाना क्षेत्र के गांव में 12 साल की मासूम के साथ हैवानियत का मामला सामने आया है। यही नहीं मासूम 5 महीने की गर्भवती हो गई है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के मुताबिक बच्ची के परिवार वाले इस बात से अबतक अंजान थे, हालांकि बच्ची अपनी मां से कई बार पेट में दर्द की शिकायत कर चुकी थी, लेकिन मां से बेटी की बात को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद जब पड़ोसियों को दाल में कुछ काला लगा तो उन्होंने इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन को दी। जिसके बाद बच्ची को रादौर अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टर्स ने बताया कि बच्ची 5 महीने की गर्भवती है।

नाबालिग लड़की का परिवार पांच साल से यहां गांव में रह रहा है। यही पर परिवार के लोग मजदूरी करते हैं। पेट में दर्द होने की शिकायत पर किशोरी की मां उसे अस्पताल में लेकर गई। जहां शक होने पर डॉक्टरों ने जांच की, तो उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। चाइल्ड लाइन की टीम ने किशोरी की काउंसलिंग की। उनके मकान में रहने वाले अधेड़ पर ही आरोप लगा है। फिलहाल पीड़िता को सिविल अस्पताल यमुनानगर में दाखिल कराया गया है।

बताया जा रहा है कि पांच साल पहले नाबालिग का परिवार के साथ उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर से यहां गांव में मजदूरी के लिए आए थे। उन्हें यहां पर 48 साल के एक अधेड़ लेकर आया था। दिन में नाबालिग के माता-पिता और भाई मजदूरी के लिए चले जाते थे। इस दौरान वह घर पर अकेली रहती थी। जिसका फायदा उठाकर अधेड़ उसके साथ संबंध बनाता रहा। किसी को बताने पर उसे धमकी देकर चुप करा देता था।

नाबालिग को दो दिन पहले पेट दर्द की शिकायत हुई। जिस पर उसकी मां उसे रादौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच के लिए लेकर गई। SMO डॉ. विजय परमार ने बताया कि जब नाबालिग यहां पर जांच के लिए आई, तो उसकी हालत देखकर महिला डॉक्टर को शक हुआ। इस पर उसका टेस्ट कराया गया। इसमें उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद चाइल्ड लाइन टीम को सूचना दी गई।

चाइल्ड लाइन की निदेशिका डॉ. अंजू वाजपेई ने बताया कि मामले का पता लगते ही उनकी टीम सरकारी अस्पताल में पहुंची। किशोरी की काउंसलिंग की गई। काफी कोशिशों के बाद किशोरी ने बताया कि उनके परिवार के साथ ही एक अन्य व्यक्ति रहता है। उसे वह ताऊ कहती है। यही उसके साथ गलत कार्य करता रहा। परिवार को उसकी हालत के बारे में कुछ नहीं पता था। वह पेट में दर्द होने पर किशोरी को अस्पताल में लेकर पहुंचे थे। किशोरी का गर्भपात हो सकता है। इस पर विचार किया जा रहा है। रादौर थाना प्रभारी सुखविंद्र शर्मा ने बताया कि अभी मामले की छानबीन की जा रही है। किशोरी व उसके स्वजनों के बयानों के आधार पर ही कार्रवाई होगी। महिला थाना पुलिस ही इस मामले में बयान दर्ज करेगी।

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