दिल्ली। साल 2021 खगोलीय आधार पर काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस साल 4 ग्रहण लग रहे हैं। इसमें दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं। इन ग्रहणों से भारत का वास्ता इसलिए नहीं हैं, क्योंकि इनमें से कोई भी ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। 26 मई को साल का पहला चंद्रग्रहण लगा था जो भारत में अधिकतर हिस्सों में दिखाई नहीं दिया था। अब 10 जून को लगने वाले सूर्य ग्रहण के साथ भी ऐसा ही होने वाला है। चूंकि यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इसलिए सूतक समेत धार्मिक नियम भी लागू नहीं होंगे।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्यग्रहण का असर ना होने और सूतक काल ना माने जाने की वजह से 10 जून के दिन पड़ने वाले अन्य दो त्योहार वट सावित्री और शनि जयंती को मनाने पर कोई रोक नहीं होगी।

10 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण दोपहर 1 बजकर 42 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 41 मिनट पर खत्म होगा। ये ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया में आंशिक व उत्तरी कनाडा, ग्रीनलैंड और रूस में पूर्ण रूप से दिखाई देगा। इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव वृषभ राशि और मृगशिरा नक्षत्र में सबसे ज्यादा दिखेगा। ये एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, लेकिन उसका आकार पृथ्वी से देखने पर इतना नजर नहीं आता कि वो सूर्य को पूरी तरह ढक सके, तो ऐसी स्थिति को वलयाकार सूर्य ग्रहण कहते हैं।

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