रोहतक। कोरोना महामारी के चलते लगाए लॉकडाउन में ज्यादातर लोगों का ट्रेंड बदल गया है। जिनमें से अनेक ऐसे भी हैं जिनका लॉकडाउन में किचन गार्डन के प्रति लगाव बढ़ा है। इनमें से ज्यादातर लोग छतों पर ही किचन गार्डनिंग करने लगे हैं। उधर, किचन गार्डनिंग के चलते इन दिनों शहर में सब्जियों के बीज की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। यहां तक कि दुकानों से सब्जियों के बीज आदि खरीदने अब पहले के मुकाबले दोगुने ग्राहक पहुंच रहे हैं।

रोहतक में झंग कालोनी निवासी स्कूल शिक्षिका दामिनी, रितिका व जसबीर कालोनी निवासी कृषि अधिकारी नरेंद्र हुड्डा ने बताया कि उन्होंने लॉकडाउन में ही छतों पर सब्जियों के बेल व पौधे लगाए। जिस पर अब सब्जियां लगती है। घर की सब्जियाें को सेवन करने का अलग ही अनुभव रहता है। वे अब दूसरे लोगों काे भी इसके लिए प्रेरित करते हैं। इसके अलावा सुभाष नगर निवासी सोनिया व अन्य लोगों ने बताया कि उन्होंने लान में भी सब्जियां लगाई हुई है। जिससे उनको खूब फायदा हो रहा है।

फतेहाबाद के अजमेर सिंह कहते हैं कि कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन के चलते आमजन को फल व सब्जियों की किल्लत है। घर तक सब्जियां नहीं पहुंच रही। सप्लाई चैन बाधित होने से अधिकांश लोग परेशान है। वहीं कुछ लोग बाहर की सब्जी खरीदने से भी बच रहे है। वहीं कुछ लोग है। जिन्होंने अपने घर पर किचन गार्डन बनाया हुआ है। उनको फल व सब्जियां को लेकर परेशानी नहीं हुई। बल्कि आसपास के पड़ोसियों को भी घर की जैविक सब्जियों बांटी। अजमेर सिंह ने अपने घर पर अनेक प्रकार के पौधे लगाए हुए हैं।

अजमेर सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने घर पर पड़ी खाली जगह में अनार, बेर, आंवला, अमरूद, किन्नू व नींबू के पौधे लगाए हुए है। इसके अलावा सब्जियों में मिर्च, पोदीना, बैंगन, धनियां, भिडी, ज्वार के पौधों के अलावा अनेक बेल वाली सब्जियां भी लगाई हुई है। जिसमें करेला, घीया, ककड़ी, पेड़ा, तर सहित अनेक बेल है। वहीं आयुर्वेदिक पौधों में गिलाय, तुलसी, एलीवेरा के पौधे लगाए हैं। उन्होंने बताया कि महज 300 रुपये के बीज से हर प्रकार सब्जियों की बेल व पौधे लग जाते हैं। अब मक्की के बीज भी लगाया है। सीजन में घर पर मक्की मिल जाएगी।

हिसार के योग नगर निवासी जोगिद्र बिश्नोई ने अपने घर में अनेक प्रकार के फल व फूलों के पौधे लगाए हुए हैं। इससे अब उनका कोरोना काल में घर पर बिना किसी तनाव में समय बीत जाता है। वे पौधों की देखभाल करते हुए घर पर समय आसानी से बीता लेते है। इतना ही नहीं पौधों के बीच में लगाई गई अनेक प्रकार की सब्जियों की बेल से जैविक सब्जियां भी मिल जाती है।

शहीद भगत सिंह पार्किंग के पास एक बीज विक्रेता पंकज ने बताया कि सब्जियों के बीज खरीदने के लिए पहले जहां रोजाना लगभग 20 व्यक्ति ही आते थे, वहीं अब रोजाना 40 से 50 लोग रोजाना सब्जियों के बीज खरीदने पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं, बीज खरीदने के साथ ही वे उनसे सब्जियों की देखरेख व सावधानियां रखने आदि के संबंध में सलाह भी ले रहे हैं।

आगे बरसाती सीजन आने वाला है। ऐसे में इन दिनों ज्यादातर लोग घीया, तोरी, भिंडी, करेला व टिंडा आदि बेल वाली सब्जियां लगाने पर फोकस कर रहे हैं। बारिश में इन सब्जियों वाली बेल और तेजी से वृद्धि करती हैं। अनेक लोगों ने किचन गार्डन में सब्जियां लगाई हुई है। जिनमें टमाटर व धनिया, पुदीना आदि भी शामिल हैं। ऐसे लोग घर पर उगाई गई सब्जियों के साथ ही पुदीना व धनिया आदि का सेवन करना ही पसंद करने लगे हैं।

किचन गार्डन के फायदे

– घर के चारों और खाली भूमि व छत का सदुपयोग हो जाता है।
– घर के लोगों को मन पंसद सब्जियों की प्रप्ति होती है।
– परिवारिक व्यय में बचत होती है।
– सब्जी खरीदने के लिए दूसरी जगह नहीं जाना पड़ता।
– घर के व्यर्थ पानी व कूड़ा करकट का सदुपयोग हो जाता है।
– परविार के सदस्यों को प्रकृति के निकट रहने का अवसर मिलता है।
– किचन गार्डनिंग करने से समय का सदुपयोग होता है।
– पेड़े पौधों के बीच रहने से तनाव कम हो जाता है।
– घर पर उगाई सब्जियों का सेवन करने से स्वास्थ्य दुरुस्त रहता है।

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