नई दिल्ली। यदि कोई महिला विवाहेतर संबंध में है तो भी बच्चे को अपने पास रखने के उसके हक को खारिज नहीं किया जा सकता। किसी महिला के दूसरे शख्स से संबंध के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि वह अच्छी मां साबित नहीं होगी। बच्चे की कस्टडी को लेकर एक मामले की सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने यह आदेश दिया है।

अदालत का कहना है कि एक पितृसत्तात्मक समाज में अकसर ही महिला के चरित्र को लेकर सवाल उठा दिए जाते हैं और कई बार इनका कोई आधार भी नहीं होता है। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले की महिला ने अर्जी दाखिल कर अपनी साढ़े 4 साल की बेटी की कस्टडी मांगी थी, जबकि वह अपने पति से अलग हो चुकी है, जो ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है।

हाई कोर्ट के जस्टिस अनूपिंदर सिंह ग्रेवाल ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि बच्ची को महिला को सौंपा जाना चाहिए, जो फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में ही रह रही है। महिला से अलग होकर रह रहे पति ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी एक रिश्तेदार के साथ विवाहेतर संबंध में है। इस पर अदालत ने कहा कि यह एक मनगढ़ंत बयान लगता है। इसके समर्थन में कोई सबूत नहीं पेश किया गया है। कई बार पितृसत्तात्मक समाज में महिला पर यूं ही चरित्रहीन होने का लांछन लगा दिया जाता है, जबकि कई बार इसका कोई आधार भी नहीं होता है। यही नहीं अदालत ने कहा कि यदि कोई महिला एक्स्ट्रा-मैरिटल रिलेशनशिप में है तो भी उसे लेकर यह नहीं कहा जा सकता कि वह एक अच्छी मां नहीं साबित हो सकती। यह तर्क बच्चे की कस्टडी उसे न देने का आधार नहीं हो सकता। जज ने अपने आदेश में कहा कि हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट, 1956 के सेक्शन 6 के मुताबिक एक महिला ही 5 साल की उम्र तक अपने बच्चे की प्राकृतिक गार्जियन होती है। जज ने कहा कि इस उम्र में बच्चों को प्यार, देखभाल और अनुराग की जरूरत होती है। किशोरावस्था में किसी भी बच्चे के लिए मां का सहयोग बेहद जरूरी होता है।

याचिका में महिला ने कहा था कि उनकी शादी 2013 में हुई थी। पति ऑस्ट्रेलिया नागरिक है और इसके चलते वह भी ऑस्ट्रेलिया ही चली गई थीं। दोनों के घर में जून, 2017 में एक बेटी का जन्म हुआ था। हालांकि कुछ वक्त बाद दोनों में अनबन शुरू हो गई और फिर अलग ही रहने लगे। महिला ने कहा कि जनवरी 2020 में हम भारत आए थे, लेकिन उसके बाद पति बेटी को लेकर वापस ऑस्ट्रेलिया चला गया, जिसके कस्टडी मुझे चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *