गणेश मौर्य
अंबेडकर नगर: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही अच्छी सड़कों के मामले में लोगों को गड्ढा मुक्त का सपना प्रचार के जरिए दिखा रही है मगर यह सच साबित होता नहीं दिखाई दे रहा है। अकबरपुर जिला मुख्यालय की सड़कें इतनी जर्जर हो चुकी है कि जिन पर चलने में आदमियों की हड्डियों से आवाज आने लगती है इसका कारण यह है कि जिले में गड्ढा मुक्त सड़कों के लिए मांगी गई राशि का एकमात्र मात्र एक तिहाई भेजी गई है।
2017 मे उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का वादा ताल ठोक कर किया था जिसकी समय सीमा बहुत पहले ही खत्म हो चुकी, मगर वादा पूरा नहीं हो पाया। जिले में सैकड़ों गांव ऐसे हैं जहां की सड़कें दशकों से कायाकल्य का सपना देख रही हैं, लेकिन जर्जर हालत सड़कों को बनाना तो दूर उनकी मरम्मत तक नहीं हो पा रही है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर सड़कों पर चलने के लिए लोगों को मजबूर होना पड़ रहा है।
नगर क्षेत्र के कई गली मोहल्लों की स्थिति भी खराब है। जिला मुख्यालय अकबरपुर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत शिवाला घाट की तरफ जाने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। इंद्रलोक कॉलोनी कृष्णा नगर कॉलोनी में भी यही हाल है।सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाना था।जबकि 70-80 प्रतिशत सड़कों को गड्ढा मुक्त करके विभागीय अधिकारियों ने खानापूíत कर ली है।
चाहे पीडब्ल्यूडी हो या नगरपालिका जनपद में सबसे ज्यादा सड़कों की खराब स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में है। कई गांव तो ऐसे हैं, जहां चौपहिया वाहन निकलना तो दूर, बाइक और साइकिल से चलना भी दूभर है। बारिश के समय में सड़क कहां और गड्ढा कहां पता ही नहीं चलता जिससे राहगीर गिर कर चोटिल हो जाते हैं।
भाजपा की सरकार प्रदेश में बनने के बाद लोगों को उम्मीद जागी थी कि अब सभी सड़कों की काया बदल जाएगी। लोग आसानी से तहसील एवं कस्बों में पहुंच सकेंगे, लेकिन ग्रामीणों के सामने समस्या जस के तस बनी हुई है।

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