कानपुर पुलिस का कारनामा! बिना जांच के बढ़ा दी अपहरण की धारा, कोर्ट ने ACP को लगाई फटकार

कानपुर पुलिस अपने कारनामों को लेकर हमेशा सुर्खियों में बनी रहती है। एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है। कानपुर में तैनात एसीपी ने मामूली मारपीट के एक मामले में बिना जांच किए ही अपहरण की धारा बढ़ा दी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विवेचक एसीपी को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद एसीपी से कोर्ट ने अपहरण की धारा भी पढ़वाई। वहीं, कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया है कि एसीपी के खिलाफ कार्रवाई कर एक महीने में अवगत कराएं।

पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने स्वरूप नगर एसीपी महेंद्र सिंह देव की जांच एडीसीपी अभिषेक अग्रवाल को सौंपी है। यदि एसीपी महेंद्र सिंह जांच में दोषी पाए जाते हैं तो उन विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने पर पुलिस कमिश्नर एक महीने के भीतर अवगत कराएंगे।

क्या था मामला
काकादेव स्थित नीरक्षी चौराहे के पास रहने वाली पलक सोनकर का बीते 26 मई को गुरनित सिंह से विवाद हुआ था। पलक सोनकर ने गुरनित सिंह पर मारपीट, धमकी और जाति सूचक गालियां देने का आरोप लगाया था। इस पर पुलिस ने मारपीट, धमकी देना और एससीएसटी ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया था। मामले की विवेचना एसीपी स्वरूप नगर महेंद्र सिंह देव कर रहे थे। एसीपी ने बिना जांच किए 28 मई को अपहरण की धारा बढ़ा दी थी।

फर्जी तरह से बढ़ाई अपहरण की धारा
इस मामले पर बीते 08 जून को कोर्ट में सुनवाई थी। आरोपी पक्ष के वकील ने कोर्ट में सबूत पेश करते हुए कहा कि मामला अपहरण का नहीं है। अपहरण की धारा फर्जी तरह से बढ़ाई गई है। आरोपी पक्ष के वकील के दावे पर केस डायरी की तलब की गई तो पूरा मामला खुल गया। इसके बाद विवेचक से जवाब तलब किया गया। इस पर विवेचक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। कोर्ट ने विवेचक से अपहरण की धारा पढ़वाई। विवेचक ने अपनी गलती स्वीकार की और माना कि अपहरण की धारा नहीं बन रही है।

 

कोर्ट ने माना कि विवेचक ने लड़की के मजिस्ट्रेट बयान नहीं दर्ज कराए हैं। इसके साथ ही अपहरण की धारा के संबंध में एक भी ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए हैं। कोर्ट ने इसे विवेचक की लापरवाही माना है। पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया कि एक महीने में विवेचक पर कार्रवाई कर अवगत कराएं।

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