MNREGA Scheme Scam: ललितपुर में मनरेगा योजना में घोटाला, कागजों पर काम करते रहे मजदूर… DM ने पकड़ा खेल

कोरोना काल में काम-धंधा बंद होने से मनरेगा योजना मजदूरों के लिए संजीवनी बनी, लेकिन इसमें भी घोटाला कर दिया गया है। ताजा मामला यूपी के ललितपुर से सामने आया है। यहां सचिव और प्रधान ने मिलकर मजदूरों को कागजों पर रोजगार दिलवा दिया। यही नहीं मजदूर कागजों पर काम भी करते रहे और मजदूरी भी लेते रहे हैं।

विकास खंड बिरधा अंतर्गत ग्राम पंचायत झरकौन में ग्राम सचिव और प्रधान ने मनरेगा (MGNREGA) के तहत कराए जा रहे कार्यों में मजदूरों की जगह मशीनों से ही काम कर दिया। बीते दिनों जब जिलाधिकारी अन्नावि कुमार ने अचानक ग्राम झरकौन में पहुंचकर मनरेगा योजना से किसान रमेश के खेत से मोटे की ओर नाले वाले की सफाई का कार्य कराए जाने का स्थलीय निरीक्षण किया तो हकीकत पता चली।

जिलाधिकारी के स्थलीय निरीक्षण के समय मौके पर सोनू सहित कुल 27 मजदूर कार्य करते हुए पाए गए। मजदूरों के बारे में जब जानकारी की गई तो पता चला कि नाले की सफाई कार्य में 30 मजदूर कार्य कर रहे हैं, जबकि मौके पर कुल 27 मजदूर मिले। वहीं, कुछ मजदूरों ने बताया कि वह आज ही कार्य पर आए हैं, जबकि मस्टर रोल के अनुसार उनकी उपस्थित कई दिन पूर्व से दर्शायी गई है।

वहीं, जिलाधिकारी ने किसान राजेश के खेत पर समतलीकरण कार्य स्थल का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्थल पर कोई मजदूर कार्य करते हुए नहीं पाए गए, जबकि मस्टर रोल में 8 मजदूर कार्य करना दर्शाया गया। चारागाह की सुरक्षा हेतु खाई खुदान का कार्य के निरीक्षण के समय उक्त स्थान पर कोई मजदूर कार्य करते हुए नहीं पाया गया। इसके बाद चारागाह की सुरक्षा के लिए खाई खुदान का कार्य के निरीक्षण के समय कोई मजदूर कार्य करते हुए नहीं पाए गए।
ग्रामीणों ने बताया कि यह कार्य फरवरी एवं मार्च 2021 में जेसीबी मशीन से कराया गया था, जो नियमानुसार यह उचित नहीं। इधर उपायुक्त मनरेगा ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश के बाद लापरवाह अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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