मोहम्मद जाहिद
प्रतापगढ़ जिले में बने “कोरोना माता” के एक मंदिर पर बुल्डोजर चला कर प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया और एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि ऐसा ज़मीन पर कब्ज़ा करने के लिए किया गया था।
इस देश में ऐसे इतिहास भरे पड़े हैं कि मुर्ति रख कर या प्रकट कराकर पहले पूजा की जाती है फिर बहुसंख्यकों की आस्था के नाम पर सरकारें और सुप्रीम अदालतें नतमस्तक हो जाती हैं।
बाबरी मस्जिद से बड़ा उदाहरण क्या होगा ?
योगी जी को धन्यवाद ; काश वह 23 दिसंबर 1949 को मुख्यमंत्री रहते तो देश के सबसे बड़े विवाद का जन्म ना होता जो तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित गोविंद वल्लभ पंत और देश के तत्कालीन गृहमंत्री सरदार पटेल के कारण जन्मा और फैजाबाद के जिलाधिकारी नायर ने खेल कर दिया।
काश! कोरोना माता मंदिर पर लिया योगी जी जैसा निर्णय , तब पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने लिया होता।

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