WTC के नियमों में होंगे भारी बदलाव, अगले साल बदल जाएंगे पुराने समीकरण!

नई दिल्लीअंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद () के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ज्योफ अलार्डिस ने सोमवार को कहा कि बहुचर्चित विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक प्रणाली में दूसरे सत्र (चक्र) के दौरान एक बदलाव हो सकता है, जिसमें प्रति श्रृंखला 120 अंक आवंटित करने के बजाय हर मैच जीतने पर ‘एक समान अंक’ का प्रावधान होगा।


कोरोना ने बिगाड़े थे समीकरण

पिछले चक्र में हर श्रृंखला के लिए 120 अंक आवंटित था, जिसमें भारत-बांग्लादेश के बीच दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए हर मैच के 60 अंक थे जबकि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई चार मैचों की श्रृंखला में हर मैच के लिए अधिकतम 30 अंक का प्रावधान था। कोरोना वायरस के कारण पिछले चक्र में कई श्रृंखलाएं रद्द हो गई, जिससे आईसीसी को प्रतिशत अंक प्रणाली का सहारा लेना पड़ा। इसमें टीम की रैंकिंग का आकलन प्राप्त अंकों को मैचों की संख्या से विभाजित कर के निकाला गया।


हर मैच के मिलेंगे समान अंक

अलार्डिस ने कहा, ‘हमने इस चक्र को आखिर तक देखा है और दूसरा चक्र डेढ़ महीने में शुरू हो रहा है। ऐसे में अंक प्रणाली में कुछ बदलाव होंगे। हम प्रति टेस्ट मैच के लिए अंकों की एक मानक तय कर सकते है, ताकि इससे कोई फर्क नहीं पड़े कि यह दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला है या पांच टेस्ट मैचों श्रृंखला है। ऐसे में खेले जाने वाले प्रत्येक मैच के लिए समान अंक उपलब्ध होंगे। हर टीम को हालांकि कुल अंकों की जगह उसकी जीत के अंक प्रतिशत के आधार पर आंका जाएगा।’


क्या बेस्ट ऑफ थ्री फॉर्मेट में होगा फाइनल?

भारतीय कोच रवि शास्त्री ने डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिए तीन मैचों की श्रृंखला का सुझाव दिया था। अलार्डिस ने उनके विचार का समर्थन किया, लेकिन इसके लिए व्यावहारिक कठिनाइयों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, ‘एक आदर्श तरीके से तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला डब्ल्यूटीसी तय करना शानदार होगा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कार्यक्रम की वास्तविकता ऐसी है कि हमें इसके लिए एक महीना नहीं मिलने वाला है। टूर्नामेंट के फाइनल के लिए सभी टीमों का एक महीने के लिए रोकना संभव नहीं है, इसलिए एक मैच के फाइनल का फैसला किया गया।’

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