चंपत राय ने समझाया जमीन सौदे का पूरा ‘गणित’, लोगों से की अपील- किसी बहकावे में न आएं

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के जमीन की खरीद में घोटाले के आरोपों पर हंगामा मच गया है। समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस सभी इसकी जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट इन दावों को गलत और राजनीति से प्रेरित बता रहा है। चंपत राय ने राम भक्तों से साफ कहा है वे किसी भी बात पर विश्वास न करें। चंपत राय ने कहा है कि आरोप लगाने से पहले तीर्थ क्षेत्र के किसी भी पदाधिकारी से तथ्यों की जानकारी नहीं की, इससे समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। समस्त श्री राम भक्तों से निवेदन है कि वे ऐसे किसी दुष्प्रचार में विश्वास न करें।

चंपत राय ने सोमवार को एक के बाद एक कई सिलसिलेवार ट्वीट किए है जिनमें उन्होंने आरोपों पर जवाब देते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्र्स्ट की खरीदी जमीन पर विवाद पर सफाई दी है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने ट्वीट कर कहा है राम मन्दिर के पूर्व व पश्चिम भाग में निर्माणाधीन परकोटा व रिटेनिंग वाल की सीमा में आने वाले महत्वपूर्ण मन्दिरों/स्थानों को परस्पर सहमति से क्रय किया जा रहा है।

‘1,423 रुपए प्रति वर्ग फीट तय हुई जमीन की कीमत’
चम्पत राय ने ट्वीट कर कहा कि खोजबीन करने पर भूखण्ड हमारे उपयोग हेतु अनुकूल पाये जाने पर सम्बन्धित व्यक्तियों से सम्पर्क किया गया। भूमि का जो मूल्य मांगा गया, उसकी तुलना वर्तमान बाजार मूल्य से की। अन्तिम देय राशि लगभग 1,423/-रू0 प्रति वर्गफीट तय हुई जो निकट के क्षेत्र के वर्तमान बाजार मूल्य से बहुत कम है।

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8 मार्च 2021 को कराया गया था बैनामा
चंपत राय ने कहा कि जिस भूखण्ड पर विवाद कर आरोप लगाए जा रहे हैं,जिस जमीन की चर्चा हो रही है वह रेलवे स्टेशन के पास प्रमुख स्थान है। ट्र्स्ट ने जितनी भी जमीन खरीदी है वह खुले बाजार से काफी कम कीमत पर है। जमीन खरीदने के लिए वर्तमान विक्रेतागणों से वर्षों पूर्व जिस मूल्य पर एग्रीमेंट हुआ था उस जमीन को उन्होंने 18 मार्च 2021 को बैनामा कराया।

जमीन की कीमत पर सहमति के बाद हुआ एग्रीमेंट- चंपत राय
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने ट्वीट कर कहा कि जमीन के मूल्य पर सहमति हो जाने के पश्चात् सम्बन्धित व्यक्तियों को अपने पूर्व के अनुबन्धों को पूर्ण करना आवश्यक था, तभी सम्बन्धित भूमि तीर्थ क्षेत्र को प्राप्त हो सकती थी।

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‘सभी भुगतान बैंक से सीधे खाते में ही किये जायेंगे’
ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने कहा है कि तीर्थ क्षेत्र का प्रथम दिवस से ही निर्णय रहा है कि सभी भुगतान बैंक से सीधे खाते में ही किये जायेंगे, सम्बन्धित भूमि की क्रय प्रक्रिया में भी इसी निर्णय का पालन हुआ है। यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि सरकार द्वारा लगाये गये सभी कर आदि का भुगतान हो जाये।

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‘बैनामा होने के बाद एग्रीमेंट को कराया गया रजिस्टर्ड’
चंपत राय ने ट्वीट कर बताया कि तीर्थ क्षेत्र के साथ अनुबन्ध करने वाले व्यक्तियों के पक्ष में भूमि का बैनामा होते ही तीर्थ क्षेत्र ने अपने पक्ष में पूर्ण तत्परता एवं पारदर्शिता के साथ अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया व पंजीकृत कराया।

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तेजी से चल रहा राम मंदिर का निर्माण कार्य-चंपत राय
चंपत राय ने कहा कि श्री राम जन्म-भूमि तीर्थ क्षेत्र’ श्री राम जन्म-भूमि मन्दिर को वास्तु शास्त्र के अनुसार भव्य स्वरूप प्रदान कराने, शेष परिसर को सभी प्रकार से सुरक्षित तथा दर्शनार्थियों के लिए सुविधापूर्ण बनाने के लिए कार्य कर रहा है।

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दुष्प्रचार में विश्वास न करें राम भक्त- चंपत राय
चंपत राय ने अपने आखिर ट्वीट में साफ किया कि आरोप की भाषा में वक्तव्य देने वाले व्यक्तियों ने आरोप लगाने से पहले तीर्थ क्षेत्र के किसी भी पदाधिकारी से तथ्यों की जानकारी नहीं की, इससे समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। समस्त श्री राम भक्तों से निवेदन है कि वे ऐसे किसी दुष्प्रचार में विश्वास न करें।

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कैसे हुई जमीन की खरीद-फरोख्त?
जमीन की खरीद-फरोख्त मामले से जुड़े एक शख्स के अनुसार, अयोध्या के बाग विलैसी में स्थित 180 बिस्वा (12,080 वर्ग मीटर) जमीन हरीश पाठक और कुसुम पाठक की थी। इसे उन्होंने सुल्तान अंसारी, रवि मोहन तिवारी, इच्छा राम, मनीष कुमार, रवींद्र कुमार, बलराम यादव और अन्य तीन के नाम 2019 में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया था। इस जमीन का सौदा 26.50 करोड़ रुपये में तय हुआ।

इसकी सरकारी मालियत करीब 11 करोड़ रुपये आंकी गई थी। 2.80 करोड़ रुपये हरीश पाठक और कुसुम पाठक के खाते में ट्रांसफर कर 80 बिस्वा जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। बाकी 100 बिस्वा जमीन एग्रीमेंट धारकों ने अपनी सहमति से दो लोगों के नाम लिख दिया, जिनसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 18.50 करोड़ में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करवा लिया है।

 

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