Noida Crime news: नोएडा में 40 किलो सोना और 6.5 करोड़ की चोरी… अब फ्लैट की चाबी बताएगी कौन है कालेधन का मालिक

अमूमन अपराध के राज तालों में कैद होते हैं। उन तक पहुंचने के लिए पुलिस चाबी तलाशती है, लेकिन नोएडा की सबसे बड़ी चोरी जो पूर्वाचंल सिल्वर सिटी सोसायटी में हुई थी उसकी जांच उलट चल रही है। यहां चोर सामने आ चुके हैं, लेकिन करोड़ों रुपये का कालाधन किसका था यह राज फ्लैट की चाबी सामने लाएगी।

खास बात यह है कि फ्लैट की चाबी चोरों के पास थी। चोर इसी से भरी दोपहर में फ्लैट को खोलकर अंदर दाखिल हुए थे। इसके बाद 40 किलो सोना और 6.5 करोड़ कैश व अन्य सामान लेकर बाहर निकले थे। ये बातें पुलिस जांच में सामने आई हैं। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस फ्लैट में इतनी संपत्ति रखी हुई थी, उसकी चाबी चोरों तक कैसे पहुंची। जिस तरह से चाबी चोरों तक पहुंची उसी कड़ी को पकड़ कर पुलिस संपत्ति के मालिक तक पहुंचने की कोशिश में है।

 

मामले की जांच में टीमें लगी हुई हैं। अभी चोरी के मुख्य आरोपी गोपाल की गिरफ्तारी व फ्लैट का नंबर पता चलना बाकी है। पुलिस अपनी जांच में यह पता कर रही है कि चोरी हुई संपत्ति का मालिक कौन है। यकीन है कि पुलिस जल्द ही उस तक सबूतों के साथ पहुंचेगी।

रणविजय सिंह, एडीसीपी, नोएडा

 

केस की जांच में शामिल पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह चाबी इस चोरी के मास्टरमाइंड गोपाल के पास में थी। गोपाल ही सभी को लेकर दिन में दोपहर 12 बजे के बाद फर्जी फ्लैट का पता बताकर सोसायटी में दाखिल हुआ। इसके बाद फ्लैट को चाबी से खोल उस कमरे में सभी पहुंचे जहां यह सोना और कैश अलग-अलग बैग में रखा हुआ था। फ्लैट से निकलने के बाद चोर अलग-अलग दो लिफ्ट से नीचे उतरे और कार में माल रखकर आराम से बाहर आए। फ्लैट का न ताला टूटा न दरवाजा। यही वह वजह है कि सितंबर में हुई चोरी की भनक संपत्ति रखवाने वाले को बहुत देर से लगी।

2020 में किराए पर लिया गया था फ्लैट
जांच में जुटी नोएडा पुलिस की टीम भी उस फ्लैट तक पहुंच गई है जहां से यह चोरी हुई थी। लेकिन पुलिस अधिकारी अभी फ्लैट का नंबर नहीं बता रहे हैं। सूत्रों की माने तो यह बात पुलिस को पता चल गई है कि फ्लैट में संपत्ति रखवाने वाले ने अपने दूर के परिवारीजन या करीबी के नाम पर 2020 में ही किराए पर लिया था।

 

पुलिस अभी फ्लैट के मालिक तक नहीं पहुंच पाई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोसायटी से भी कुछ जानकारियां मांगी गई थी जो अब तक नहीं मिली हैं। सूत्रों की मानें तो चोरी के मास्टरमाइंड गाजियाबाद निवासी गोपाल के करीब नोएडा पुलिस पहुंच चुकी है। वहीं, इसके साथी जो तीन आरोपित फरार हैं उनके नाम भी पुलिस ने पता लगा लिए हैं। ये नाम सिमतल, पंकज और सनी बताए जा रहे हैं।

किसलय पांडेय के घर फिर पहुंची पुलिस टीम
पुलिस टीम का यह मानना है कि यह संपत्ति ग्रेनो निवासी राममणि पांडेय व उसके बेटे किसलय पांडेय की है। इसको लेकर इनकम टैक्स और ईडी भी पुलिस के साथ जांच कर रही है। सोमवार को भी पुलिस टीम उनके घर गई। वहां कुछ दस्तावेज, जो पुलिस के पास हैं उनको परिजन को दिखाकर कुछ जानकारी ली गई। पुलिस के मुताबिक राममणि व किसलय के खिलाफ दिल्ली से लेकर गुड़गांव तक में केस दर्ज हैं। इनमें ईओडब्ल्यू व सीबीआई भी जांच कर रही है। अब इस जांच में इनमें से कुछ जांच एजेंसियों की तरफ से नोएडा पुलिस को राममणि व किशलय को लेकर बहुत सी जानकारियां दी गई हैं।

डॉ. किसलय के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस
ग्रेटर नोएडा की सिल्वर सिटी सोसायटी के फ्लैट से 40 किलो सोना और साढ़े 6 करोड़ रुपये कैश चोरी मामले के तार गुड़गांव से भी जुड़े हैं। जिस फ्लैट से ये चोरी की गई, उस फ्लैट का मालिक डॉ किसलय पांडेय गुड़गांव पुलिस के फरार अपराधियों की सूची में है। उसके खिलाफ गुड़गांव पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। साल 2019 में उसने इंडिया बुल्स कंपनी में कॉल कर 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।

 

किसलय की तलाश में जुटीं 9 टीमें
पुलिस किसलय पांडे की गिरफ्तारी के बाद उसका नार्को टेस्ट कराने की बात कह रही है। दूसरी ओर ईडी ने भी अथॉरिटी से किसलय की प्रॉपर्टी के दस्तावेजों की डिटेल्स मांगी है। पुलिस की 9 टीम फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। पुलिस को आशंका है कि किसलय पांडे देश में ही किसी राज्य में छुपा है और पुलिस जांच से बचने के लिए खुद को विदेश में बता रहा है।

पुलिस उसके मूल निवास प्रयागराज के पास स्थित एक गांव में भी पूछताछ कर रही है। 7 महीने पहले हुई चोरी करने वाले बदमाशों की पहचान करने के लिए पुलिस ने सोसाइटी में लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर को कब्जे में लिया है। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान पुलिस को फ्लैट में एक डायरी भी मिली है। जिसमें लेन-देन को लेकर हिसाब लिखा हुआ है।

noida theft

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

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