शिवाकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: अनननदाताओं के सामने समस्या ही समस्या है। इस बार की गेहूं खरीद में सरकार द्वारा घोषित 15 जून की अंतिम तिथि समाप्त होने को है। फिर भी रजिस्ट्रेशन कराने और टोकन लेने के बावजूद भी सैकड़ों की तादात में किसान इधर-उधर भटक रहे हैं। उनकी गेहूं की तौल अभी तक नहीं हो पाई है, और सेंटर बंद होने को हैं। ऐसे में किसानों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है कि, गेहूं खरीद की तिथि को कम से कम 15 दिन के लिए बढ़ाया जाए।

     आपको बता दें कि तहसील क्षेत्र में 2314 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। जिसमें लगभग 2000 किसान ही अपनी ऊपज की बिक्री करा पाए हैं। बड़ी तादाद में ऐसे भी किसान हैं, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था, और सरकार की घोषणा के मुताबिक किसी भी किसान का गेहूं ऐसा नहीं बचेगा, जो बिक्री के लिए लावे और खरीदा ना जाए।

   महराजगंज मंडी परिसर में विपणन शाखा की ओर से दो एसएफसी की तरफ से एक तथा मंडी परिषद की ओर से एक गेहूं खरीद केंद्र खोला गया था, इनमें विपणन शाखा का काम काज काफी संतोषजनक रहा। यहां तैनात एसएमआई शशि भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि, उनके सेंटर पर 992 किसानों का 19656 कुंटल गेहूं खरीदा जा चुका है, अभी तक शासन से 15 जून अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।

    उधर मोटे तौर पर मंडी परिसर में कम से कम 20 से  25 टालियां गेहूं लदी खड़ी है। कई किसानों के पास टोकन भी है। लेकिन उनका नंबर आएगा भी की नहीं। यह उनको पता नहीं। नारायणपुर के रहने रमाकांत तिवारी का कहना है कि, उन्होंने अपने नाम 19 अप्रैल को तथा अपनी माता कृष्णा देवी के नाम 48 कुंटल का रजिस्ट्रेशन करा रखा है। विपणन शाखा में उन्हें 7 जून का टोकन मिला था। लेकिन कभी मौसम खराब, तो कभी छुट्टी, तो कभी लंबी भीड़ के चलते उनकी खरीद अभी तक नहीं हो सकी है।

   वही सुल्तानपुर गांव के रहने वाले किसान और ग्राम प्रधान संतलाल लोधी ने भी 45 दिन पहले रजिस्ट्रेशन करा कर टोकन ले रखा है। लेकिन उनका कहना है कि, उन्हें आजकल कहते टरकाया जा रहा है। यही हाल तिवारीपुर के रहने वाले किसान रामबरन यादव का है, जो मंडी परिसर में 5 दिनों से ट्रैक्टर ट्राली के साथ अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं। जबकि कुसुढ़ी के रहने वाले रामराज सिंह का कहना है कि, वह अपनी उपज बिक्री के लिए एक हफ्ते से इंतजार कर रहे हैं। अभी मौसम का मिजाज खराब हो रहा है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि, गेहूं को भीगने से कैसे बचाएं।

    वहीं बसंतपुर गांव के रहने वाले मनोज कुमार और बसंतपुर के ही महेंद्र सिंह क्या कहना है कि, जितनी ट्रैक्टर और टालियां परिसर में मौजूद हैं, इनकी तौल होने में ही 1 सप्ताह लगेगा। यदि शीघ्र ही गेहूं क्रय की तिथि बढ़ाई नहीं गई, तो अधिकांश किसानों को बैरंग वापस लौटना होगा। सभी किसानों ने प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि, किसानों की समस्याएं और मौसम के बदलाव को देखते हुए गेहूं खरीद की तारीख बढ़ाकर 30 जून तक की जाए।





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