बहादुरगढ़। देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए हर वक्त तत्पर रहने वाला रेपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) का एक जवान इन दिनों गंभीर मानसिक परेशानी से गुजर रहा है। सीआरपीएफ में तैनात ओड़िशा के एक जवान की पीड़ा को सुन आप हैरान रह जाएंगे। यह जवान तो इन दिनों बहादुरगढ़ में टिकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन के चलते ड्यूटी पर आया हुआ है और जवान का परिवार इन दिनों परेशानी और संकट से गुजर रहा है, लेकिन उनके गृह क्षेत्र का शासन-प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा है। जवान की पीड़ा सुनकर बहादुरगढ़ के एक अधिवक्ता आगे आए हैं। उनके प्रयासों से स्थानीय पुलिस ने जीरो एफआइआर दर्ज कर ली है।

अब इस मामले में ओड़िशा पुलिस को कार्रवाई करनी है। दरसअल, ये जवान एएसआइ के पद पर हैं। आंदोलन के चलते बहादुरगढ़ में अर्द्धसैनिक बल की कई कंपनियां बुलाई गई हैं। इन्हीं में शामिल इस जवान के घर में पत्नी और आठ साल की बेटी है। आनलाइन कक्षा के चलते बेटी के लिए भी अलग से फोन खरीद रखा है। कुछ दिन पहले इनकी पत्नी और बेटी के मोबाइल नंबर को किसी शरारती तत्व ने हैक कर उसकी क्लोनिंग कर ली और दोनों के पास अश्लील मैसेज भेज रहा है। जो भी इन दोनों के फोन पर संपर्क करता है तो उनको ही वह हैकर अश्लील संदेश भेज देता है।

इसके कारण जवान की बेटी की आनलाइन पढ़ाई भी छूट गई, क्योंकि उसकी शिक्षिका के पास भी उस शरारती तत्व ने गंदे मैसेज भेज दिए और वह भी बच्ची के ही मोबाइल नंबर से। ऐसे में स्कूल ने बच्ची को आनलाइन क्लास से बाहर कर दिया। इससे परिवार कहीं ज्यादा मानसिक परेशानी से गुजर रहा है। वहां पर कोई मदद नहीं हो पा रही। पुलिस सुनवाई नहीं कर रही और इधर जवान हजारों मील दूर अपनी ड्यूटी पर है। अब इस जवान की मदद करने के लिए आगे आए बहादुरगढ़ के एडवोकेट नवीन सिंघल ने बताया कि चार दिन पहले जवान ने उनसे संपर्क किया। उनकी आपबीती सुनकर वे भी हैरान रह गए।

उन्होंने उनकी मदद शुरू की। अपनी तरफ से जितना हो सकेगा, वे करेंगे। उन्होंने सेक्टर-छह थाना पुलिस से इस मामले में जीराे एफआइआर दर्ज करवाई है। इसके लिए जवान कई दिन से चक्कर लगा रहा था, लेकिन यह तो कार्रवाई की महज शुरूआत है। इस पर हरियाणा सरकार को भी मदद करनी चाहिए और ओड़िशा सरकार से संपर्क करना चाहिए।

एडवोकेट नवीन सिंघल ने इस घटना को लेकर पीएमओ, हरियाणा व ओड़िसा के सीएमओ, प्रदेश के गृह मंत्री, दोनों राज्यों के पुलिस प्रमुखों और झज्जर पुलिस अधीक्षक को ट्वीट किया है और जवान की मदद के लिए अनुरोध किया है। अधिवक्ता ने बताया कि जवान के पास ही शरारती हैकर ने उनकी पत्नी और बेटी की आपत्तिनजक फोटो बनाकर भेजी है। इससे जवान भी बेहद तनाव में है। वे अपने घर भी नहीं जा पा रहे हैं। उन्हें घर जाने की इजाजत भी नहीं मिल पा रही है।

अधिवक्ता नवीन सिंगल ने कहा कि देश व देशवासियों की सुरक्षा के लिए एक जवान अपना पूरा जीवन लगा देता है। खुद के परिवार से दूर रहता है। इस तरह की वारदातें होती हैं तो जवानों का मनोबल टूटता है। पुलिस को मामले में गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।

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