रोहतक। हरियाणा के बहादुरगढ़ में कुदरत का करिश्मा देखने को मिला है। यहां जिसने भी इस बारे में सुना वो हैरान रह गया। दरअसल 6 साल के कुनाल दिल्ली का एक नामी अस्पताल के डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया और शव को परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव को लेकर अपने घर पहुंचे तो बच्चे का मां व ताई ने विलाप करते हुए बच्चे के शव को हिलाने लगी, जिस पर उन्हें महसूस हुआ कि बच्चे की धड़कन चल रही है।

ऐसा होता देख पिता ने बच्चे के मूंह से चादर हटाकर उसे सांस देने लगा। जिस पर बच्चे ने पिता के ऊपर वाले होंठ को काट लिया। कुछ देर अपने बेटे को सांस देने के बाद जब उसके शरीर में कुछ हरकत दिखाई दी तो बच्चे की छाती पर दबाव देना शुरू किया। इसके बाद मोहल्ले के लोग बच्चे को रोहतक के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे 15 फीसदी ही बचने की संभावना बताई पर वह धीरे-धीर ठीक हो गया और मंगलवार को अपने घर पर पहुंचा।

जानकारी के अनुसार दिल्ली एक अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल के स्टाफ द्वारा मृत घोषित किए एक बच्चे की घर पहुंचने पर धड़कन चालू मिली। समय पर इलाज और दुआओं के चलते आज बच्चा स्वस्थ है, लेकिन अस्पताल स्टाफ की लापरवाही पर परिजनों में नाराजगी है। दरअसल किला मोहल्ले के निवासी विजय शर्मा के पोते कुनाल शर्मा को 26 मई को दिल्ली के डॉक्टरों ने टाइफाइड से मृत घोषित कर दिया था।

कुणाल को एम्बुलैंंस से घर लाया गया। कुनाल के दादा विजय शर्मा ने बताया कि पोते की मौत की सूचना पाकर पूरे घर में मातम छा गया था। शव को रात भर रखने के लिए नमक की बोरी व बर्फ की व्यवस्था कर दी थी व मोहल्ले वालों को सुबह श्मशानघाट पर पहुंचने को कह दिया था। लेकिन एम्बुलेंस से उतारते हुए ऐसा लगा जैसे कुणाल की धड़कन चालू थी।

इसके बाद हितेश व उसके भाई आदि ने मुंह से उसको सांस देना शुरू किया। उसके हाथ-पांव हिलने लगे। इसके बाद जिस एम्बुलैंस में डालकर कुणाल को दिल्ली से लाया गया था, उसी में पुन: डालकर रोहतक स्थित कायनोस अस्पताल में ले गए। वहां डॉक्टरों ने कहा कि अब वह ठीक है। भगवान ने उनके पोते में फिर से सांसें डाली हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *