योगी-मोदी की सरकार को बदनाम करने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। यूपी पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्विटर सहित 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इसमें दो कांग्रेस नेता और ट्विटर इंडिया भी शामिल हैं। इनपर लोनी में हुई घटना को गलत तरीके से सांप्रदायिक रंग देने की वजह से यह कार्रवाई की गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि एक बुजुर्ग मुस्लिम को पीटा गया और उसकी दाढ़ी काट दी गई।

पुलिस की तरफ से यह कार्रवाई ऐसे समय पर की गई है जब इस पूरे मामले ने सियासी रंग ले लिया है। राहुल गांधी ने जहां इसपर सवाल खड़े किए वहीं सीएम योगी ने उन्हें यूपी को बदनाम न करने की नसीहत दी थी। गाजियाबाद पुलिस ने एफआईआर में कहा है कि पुलिस ने ट्विटर और सात आरोपियो के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दावा किया गया कि एक बुजुर्ग मुस्लिम चार लोगों ने मिलकर बुरी तरह पीटा, उससे जबरदस्ती जय श्री राम के नारे लगवाए और उसकी दाढ़ी काट दी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल कर दिया। इस वीडियो को लेकर राहुल गांधी, ओवैसी और एक स्थानीय नेता उम्मैद पहलवान ने भड़काने वाले बयान जारी कर दिए।

पुलिस ने वायरल वीडियो में किए गए इन सभी दावों के पीछे की असली वजह बताई है। गाजियाबाद पुलिस ने कहा उन्होंने एफआईआर दर्ज कर ली है और इस मामले में एक व्यक्ति परवेज गुर्जर को घटना में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह घटना 5 जून की है, लेकिन पुलिस को इसकी सूचना दो दिन बाद दी गई थी। पुलिस का कहना है कि इस पूरी घटना के पीछे की वजह एक ताबीज है। पीड़ित बुजुर्ग ने आरोपी को कुछ ताबीज दिए थे जिनके परिणाम न मिलने पर नाराज आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया और बाद में घटना को सांप्रदायिक रंग देने के लिए श्रीराम बोलने का फर्जी बयान जारी करवा दिया।

 

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