Kanpur News: ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा…लिखकर युवक ने किया सूइसाइड, नौकरी के नाम पर हुई थी 9 लाख की ठगी

कानपुर। ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा…ये गाना लिखकर एक युवक ने सूइसाइड कर लिया। युवक का शव उसके ही कमरे में तीन दिनों बाद बरामद हुआ। सोमवार शाम जब कमरे से बदबू आई तो माकान मालिक ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से एक सूइसाइड नोट बरामद किया है। युवक ने सूइसाइड नोट से बहुत ही मार्मिक गीत लिखा है। बताया गया क‍ि मृतक के साथ नौकरी के नाम पर 9 लाख की ठगी हुई थी। जिसकी वजह से वह डिप्रेशन में चल रहा था।

जानकारी के मुताब‍िक, मूलरूप से लखनऊ बालागंज आजाद नगर में रहने वाले यतींद्र कानपुर में कल्यानपुर के सत्यम विहार में किराय का कमरा लेकर परिवार के साथ रहता था। यतींद्र के परिवार में पत्नी और पांच महीने का बेटा था। यतींद्र की पत्नी एक हफ्ते पहले बच्चे को लेकर लखनऊ गई थी। यतींद्र पान की गुमटी पर बैठता था।

कमरे से आ रही थी बदबू
बैंक कर्मी मकान मालिक अमित पांडेय ने बताया कि यतींद्र के कमरे का दरवाजा बीते शनिवार से बंद था। शनिवार के बाद से यतींद्र कमरे के बाहर नहीं देखा गया था। बीते सोमवार को कमरे से तेज बदबू आ रही थी। दरवाजा खटखटाया गया, तो अंदर से किसी तरह की आहट नहीं मिली। इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ शव को बाहर निकाला। यतींद्र का शव फर्श पर पड़ा हुआ था। पुलिस को घटना स्थल से दो पन्नों का सूइसाइड नोट बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम को मृतक के गले में फंदा मिला है। दावा किया जा रहा है कि यतींद्र ने बेड पर कुर्सी रखकर स्टॉल से पंखे के सहारे फांसी लगाई थी। स्टॉल की गांठ खुलने की वजह से फंदा खुल गया और शव नीचे फर्श पर गिर गया।

सूइसाइड नोट में बयां किया दर्द

यतींद्र ने आत्महत्या करने से सूइसाइड नोट में दर्द बयां किया है। यतींद्र ने इसकी शुरुआत ‘ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा’ गाने से किया था। यतींद्र ने सूइसाइड नोट में लिखा है कि राजकिशोर ने नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपए लिए थे। इसके बाद उसकी पत्नी माया ने भी बातों में फंसाकर तीन लाख रुपए और ले लिए।

सूइसाइड नोट के आधार पर जांच करेगी पुल‍िस
इसके साथ ही राज किशोर के एक साथी अरविंद ने ढाई लाख रुपए कल्याण विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर ले लिया। यतींद्र ने आगे लिखा कि मैंने अपने दोस्त सूरज गंगवार से पांच हजार रुपए उधार लिए थे। सूरज के भैया-भाभी पुलिस में है, उधारी नहीं चुकता कर पाने की वजह से पुलिस का खौफ दिखाता था और पूरे परिवार को परेशान करता था। कल्यानपुर इंस्पेक्टर वीर सिंह का कहना है कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की तहरीर और सूइसाइड नोट के आधार पर जांच की जाएगी।

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