◆हर वर्ष बारिश में टापू बन जाता है रायबरेली का गढ़ी गांव।

◆गांव तक नही पहुंच पाती एम्बूलेंस।

◆आजादी के 73 वर्ष बाद भी ग्रामीणों को नहीं नसीब हो सकी पक्की सड़क।

शिवाकांत अवस्थी

शिवगढ़/रायबरेली: देश की आजादी के 73 वर्ष बीत गए किंतु आज तक शिवगढ़ क्षेत्र की दलित बस्ती गढ़ी मजरे देहली गांव को आने – जाने के लिए पक्का रास्ता नसीब नहीं हो सका। आलम यह है कि, हर वर्ष बारिश में पूरा गांव टापू बन जाता है। गांव तक चार पहिया वाहन अथवा मोटरसाइकिल से पहुंचने में तो दूर की बात, पैदल जाने में भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। स्थित ये है कि, गांव तक एम्बुलेंस नही पहुंच पाती मरीजों को चारपाई अथवा रिक्से पर लादकर गांव के बाहर तक लाना पड़ता है।

   आपको बता दें कि, गढ़ी मजरे देहली गांव को जाने के लिए 2 रास्ते बने हैं एक में खडण्जा लगा है, जो जगह-जगह धंस गया हैं। जिसके चलते खडण्जे पर जलभराव होने के साथ ही कचड़ा जमा हो गया है। पानी एवं कचड़े से सने खडण्जे पर अत्यधिक फिसलन होने के कारण गांव तक पहुंचने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता। वहीं गूढ़ा – बड़वल सम्पर्क मार्ग से जुड़ा कच्चा रास्ता गांव से सीधे जनपद बाराबंकी और राजधानी लखनऊ को जाता है, किंतु इसकी हालत ऐसी है कि हल्की बारिश में यह कच्चा रास्त जगह-जगह कट गया है।

   हर वर्ष  बारिश के तेज बहाव में यह कच्चा रास्ता बह जाता है जिसके चलते इस रास्ते से गांव के लिए आवागमन बिल्कुल ठप हो जाता है। लिहाजा ग्रामीणों को 5 किलोमीटर घूम कर बाराबंकी अथवा लखनऊ जाना पड़ता है। बारिश के दिनों में शिक्षक गांव में बने प्राइमरी स्कूल तक अपने साधन से नहीं पहुंच पाते लिहाजा उन्हें अपना साधन कहीं खड़ा करके स्कूल तक पैदल जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि, कच्चा रास्ता हर बार बारिश में बह जाता है बारिश के बाद सभी ग्रामीण आपस में चंदा जुटाकर अथवा श्रमदान करके कच्चे रास्ते को दुरुस्त करते हैं। 

   ग्रामीणों ने बताया कि, कच्चे रास्ते पर खडण्जे के निर्माण के लिए उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी से लेकर जिलाधिकारी, बछरावां विधायक रामनरेश रावत, सांसद सोनिया गांधी व मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को कई पत्र भेजें, किन्तु नतीजा सिफर रहा। गांव तक पक्की सड़क न बनने से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।

    ग्रामीणों का कहना है कि, चुनाव के समय बड़े-बड़े नेता आते हैं और विकास के छलावी वादे करके चले जाते हैं। किंतु चुनाव के बाद कोई दिखाई नही पड़ता। ग्रामीणों का कहना है कि यदि 2022 के चुनाव से पूर्व गांव तक पक्की सड़क नही बनी तो गांव के बाहर नो एंट्री का बोर्ड लगाकर मतदान का बहिष्कार किया जायेगा।

    इस बाबत जब शिवगढ़ खण्ड विकास अधिकारी अजय कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि, मामला संज्ञान में नहीं था मनरेगा योजना के तहत तत्काल गड्ढों की भराई करा दी जाएगी। इसके साथ ही ग्राम प्रधान की आईडी बनते ही खडण्जे का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *