मुख्तार अंसारी ऐंबुलेंस मामले में कोर्ट ने अल्का और शेषनाथ राय की जमानत याचिका खारिज की

माफिया मुख्तार अंसारी से जुड़े ऐंबुलेंस कांड के मुख्य आरोपी डॉ. अल्का राय और शेषनाथ राय की शुक्रवार को न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। बचाव पक्ष की एक भी दलील पर कोर्ट ने बिना नरमी दिखाए अपना आदेश सुना दिया।

बता दें कि डॉ. अल्का और शेषनाथ बीएसपी विधायक मुख्तार अंसारी के सहयोग करने के आरोप में बाराबंकी जिला जेल में बंद हैं। ये सहयोग माफ़िया मुख्तार को ऐंबुलेंस मुहैया कराने में किया गया था। वाहन का प्रयोग पंजाब की रोपड़ जेल से मोहाली कोर्ट तक पेशी पर जाने में किया गया था। रजिस्ट्रेशन नम्बर बाराबंकी का था, जिसकी जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया था। पुलिस के अनुसार, फर्जीवाड़ा करने में अभी तक दस सहयोगी सामने आए हैं। इनमें चार जेल में हैं। ऐंबुलेंस का प्रयोग सिर्फ पेशी ही नहीं, बल्कि असलहे और हथियार ढोने में किया गया था।

बचाव पक्ष की दलील राजनीतिक दबाव में हुई कार्रवाई
प्रभारी सेशन न्यायाधीश बालकृष्ण एन. रंजन की अदालत में डॉ. अल्का और शेषनाथ को जमानत पर सुनवाई के लिए पेश किया गया। बचाव पक्ष के वकील ने राजनीतिक दबाव में फर्जी मुकदमा लिखने की बात कही। ये भी तर्क दिया कि डॉ. अल्का महिला अस्पताल तो शेषनाथ पीएचसी में आयुष चिकित्सक हैं। वर्तमान कोरोना काल में समाज को इनकी सेवाओ की जरूरत है।

अभियोजन पक्ष ने रखा पक्ष
वहीं, अभियोजन पक्ष की ओर से डॉ. अल्का राय का वोटर कार्ड फर्जी होने और फर्जी दस्तावेजों पर ऐंबुलेंस पंजीयन कराना, बिना बीमा, फिटनेस के वाहन का प्रयोग करना और कुख्यात माफ़िया के प्रयोग में लाये जाने समेत अन्य तर्क दिए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपराध की गंभीर तथ्य और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रभारी सेशन न्यायाधीश ने जमानत ख़ारिज करने का आदेश दिया।

मुख्तार अंसारी ऐंबुलेंस मामले में कोर्ट ने अल्का और शेषनाथ राय की जमानत याचिका खारिज की

मुख्तार अंसारी ऐंबुलेंस मामले में कोर्ट ने अल्का और शेषनाथ राय की जमानत याचिका खारिज की

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