यूपी में 1 फीसदी से भी कम हुआ कोरोना वैक्सीन का वेस्टेज, अगस्त के अंत तक 10 करोड़ को टीका लगाने का लक्ष्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में टीकाकरण की अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद से उत्तर प्रदेश में वैक्सीन की बर्बादी एक प्रतिशत से भी कम हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के 12 जून, 2021 के आंकड़ों के अनुसार, कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों की बर्बादी पिछले ढाई महीनों में काफी कम होकर एक प्रतिशत से कम हो गई है। टीकाकरण की गति बढ़ाने सहित राज्य सरकार द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप टीके का कुल वेस्टेज 0.89 प्रतिशत के आसपास है।

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 36 से अधिक जिलों में कोवैक्सीन की बर्बादी का नकारात्मक आंकड़ा दर्ज किया गया है। कोवैक्सीन के लिए टीके का वेस्टेज केवल 0.87 प्रतिशत है। वहीं कोविशील्ड वैक्सीन की बात करें तो राज्य में केवल 0.92 प्रतिशत टीकों का वेस्टेज सामने आया है।

हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ अपनी उच्च स्तरीय कोविड समीक्षा बैठकों में जीरो वैक्सीन वेस्टेज की अपील की थी। मुख्यमंत्री ने पहले ही अधिकारियों को उपलब्ध स्टॉक और प्रत्याशित आपूर्ति के माध्यम से टीकाकरण कवरेज को बढ़ाने की योजना बनाने का निर्देश दिया है।

हर रोज 10 लाख को टीका लगाने का लक्ष्य
एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, वैक्सीन प्रबंधन एक समान रूप से महत्वपूर्ण तत्व है और हम बर्बादी को कम से कम रखने के लिए बहुत सावधान हैं। राज्य एक दिन में लगभग 4 लाख टीकाकरण कर रहा है और जुलाई से लगभग 10 लाख लोगों को टीकाकरण करने की योजना बना रहा है।

24 घंटे में 4 लाख से अधिक लोगों को लगी वैक्सीन
पिछले 24 घंटों में, 4,04,192 से अधिक लोगों को टीके की खुराक मिली है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा, अगस्त के अंत तक 10 करोड़ लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य है। टीकाकरण अभियान को तेज करने की जरूरत है। इसके अलावा टीकाकरण की रफ्तार को बढ़ाने के लिए और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करने की जरूरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *