नई दिल्ली। एक बहुत ही हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है की लड़कियों की संख्या काम होती जा रही है। और लाजमी है कि अगर लड़कियों की कमी हो जाएगी तो पुरुषों की शादी होने में दिक्कतें भी बढ़ जाएंगी। हालांकि इसके पीछे का कारण लिंग अनुपात बताया जा रहा है। जिससे लोग बेटियों को जन्म देना सही नहीं समझते है।

दरअसल देश में लिंग अनुपात को लेकर नए आंकड़े सामने आए हैं। इसके मुताबिक ये कई राज्यों में 900 के करीब पहुंच गया है। हर 1000 पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या सिर्फ 900 है। चिंता की बात ये है कि ये फासला लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कुछ राज्यों में तो ये संख्या साल 2017-18 से भी कम है। छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और असम में ये अनुपात बढ़ता जा रहा है।

असम में साल 2017 में लिंग अनुपात 921 था जो अगले साल 903 पर पहुंच गया। ये आंकड़े सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम 2019 से लिए गए हैं। छत्तीसगढ़ में साल 2017 में ये अनुपात 968 था। लेकिन अगले दो सालों यानी 2019 में ये 931 पर पहुंच गया। जबकि तेलंगाना में ये 915 से बढ़ कर 953 पर पहुंच गया। उधर उत्तराखंड में भी लिंग अनुपात बेहतर हुआ। साल 2017 में ये आंकड़ा 929 जो 2019 में 960 पर पहुंच गया।

6 राज्यों में लिंग अनुपात के आंकड़े बेहद अच्छे हैं। इसमें उत्तर पूर्व के भी दो राज्य हैं. अरुणाचल प्रदेश में ये आंकड़ा सबसे ज्यादा है। यहां लिंग अनुपात 1024 है। हालांकि पिछले दो साल के दौरान इसमें गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद नगालैंड (1001) और फिर मिज़ोरम (975) की बारी आती है। उधर केरल और हिमाचल प्रदेश में भी गिरावट देखी गई है।

हाल के दिनों में पंजाब, चडीगढ़ और ओडिशा में भी आंकड़े बेहतर हुए हैं। साल 2017 में पंजाब में ये अनुपात 890 पर था। साल 2018 में ये 896 पर पहुंच गया, और फिर 2019 में ये अनुपात 914 पर था। दिल्ली के मौजूदा आंकड़े नहीं हैं. लेकिन कहा जा रहा है कि हालात अब बेहतर हो रहे हैं। इसके अलावा बिहार, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के भी आंकड़े नहीं आए हैं।

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