पत्नी के साथ अंतिम सफर पर निकले मिल्खा सिंह, गोद में दिखी निर्मल कौर की तस्वीर

‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह को सेक्टर 25 स्थित शमशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पुलिस दल ने 91 वर्षीय महान एथलीट को तोपों की सलामी दी, उनके बेटे और अंतरराष्ट्रीय गोल्फर जीव मिल्खा सिंह ने अपने पिता की चिता को अग्नि दी।

ब्लेजर और लाल पगड़ी के साथ अपनी सिग्नेचर स्टाइल में उन्होंने अपनी जिंदगी की आखिरी रेस पूरी की। उनकी गोद में पत्नी निर्मल कौर की तस्वीर थी। मानो दोनों एक साथ नए सफर पर निकल रहे हो। यहां यह बताना जरूरी हो जाता है कि पांच दिन पहले ही उनकी पत्नी, भारत की पूर्व वॉलीबॉल कप्तान का भी मोहाली के एक निजी अस्पताल में कोरोना से निधन हो गया था।

मिल्खा ने एशियाई खेलों में चार बार स्वर्ण पदक जीता है और 1958 के राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि, 91 वर्षीय धावक को 1960 के रोम ओलिंपिक के 400 मीटर फाइनल में उनकी एपिक रेस के लिए याद किया जाता है। उन्होंने 1956 और 1964 के ओलिंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है और उन्हें 1959 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।

मिल्खा तब लोकप्रिय हुए जब उन्होंने 1960 के रोम ओलिंपिक खेलों में 45.6 सेकंड का समय निकालकर चौथा स्थान हासिल किया। मिल्खा सिंह पर बॉलीवुड फिल्म भी बनी है। मिल्खा सिंह का 400 मीटर का नेशनल रेकॉर्ड 38 साल तक कायम रहा था, जिसे परमजीत सिंह ने 1998 में एक घरेलू प्रतियोगिता में तोड़ा था। सिंह के परिवार में तीन बेटियां डॉ मोना सिंह, अलीजा ग्रोवर, सोनिया सांवल्का और बेटा जीव मिल्खा सिंह हैं। गोल्फर जीव, जो 14 बार के अंतरराष्ट्रीय विजेता हैं, भी अपने पिता की तरह पद्म श्री पुरस्कार विजेता हैं।

मिल्खा को चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया था। पूर्व एथलीट को एक सप्ताह तक मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में इलाज के बाद ऑक्सीजन के स्तर में गिरावट के बाद 3 जून को पीजीआईएमईआर में भर्ती कराया गया था। बाद में उनका कोविड टेस्ट निगेटिव आया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिल्खा सिंह के निधन पर शोक जताया है। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मिल्खा सिंह जी के निधन से हमने एक महान खिलाड़ी को खो दिया, जिनका असंख्य भारतीयों के ह्रदय में विशेष स्थान था। अपने प्रेरक व्यक्तित्व से वे लाखों के चहेते थे। मैं उनके निधन से आहत हूं। मैंने कुछ दिन पहले ही मिल्खा सिंह जी से बात की थी। मुझे नहीं पता था कि यह हमारी आखिरी बात होगी। उनके जीवन से कई उदीयमान खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। उनके परिवार और दुनिया भर में उनके प्रशंसकों को मेरी संवेदनाएं।’

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