◆महराजगंज क्षेत्र में अपराध का बोलबाला कानून व्यवस्था हुई लाचार।

◆यहां की पुलिस बार-बार अपराध की घटनाओं पर पर्दा डालती है।

शिवाकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: “प्रत्यक्षम् किम् प्रमाणम्” यहां की पुलिस बार-बार अपराध की घटनाओं पर पर्दा डालती है। मगर अपराध चिंघाड़ते हुए थाना क्षेत्र की सड़कों पर तांडव कर रहा है। जी हां! हम बात कर रहे हैं, यूपी के रायबरेली जिले की कोतवाली महराजगंज की। जहां क्षेत्र में बढ़ती अपराधिक घटनाओं को देखकर लगता है कि, अपराध के हाथ कानून से ज्यादा लंबे हो गए हैं। जो कानून मुजरिमों के हाथ में हथकड़ी पहनाता था, वह हथकड़ी अब खुद कानून के हाथों में लग चुकी है। बीते 1 महीने में थाना क्षेत्र में लगभग 1 दर्जन से अधिक जुर्म की बड़ी वारदातें देखने को मिली है। जिसमें सबसे बड़ी वारदात खैरहना गांव में चुनावी रंजिश के चलते दो गुटों में आपसी संघर्ष, इसके अलावा मोन गांव के नारायनपुर मजरे में अज्ञात चोरों द्वारा एक ही रात में तीन घरों को निशाना बनाते हुए चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम देना शामिल है। जिसमें दबी जबान लोगों का कहना है कि, पुलिस ने पीड़ित परिवार पर दबाव बनाकर चोरी गया सारा सामान वापस मिल जाने का पत्र लिखवा कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जबकि हकीकत कुछ और ही है।

   आपको बता दें कि, जब से कोतवाली महराजगंज में रेखा सिंह की तैनाती हुई है, तब से एक भी हफ्ता ऐसा नहीं जा रहा है, जिसमें कोई बड़ी वारदात ना हो रही हो। पुलिस प्रशासन अपराध होने के बाद कार्यवाही करता है। लेकिन बढ़ते अपराध पर रोक लगाने में पुलिस हर तरह से नाकाम नजर आ रही है। जिसे देखकर पता चलता है कि, अपराधियों में अब पुलिस का कोई खौफ नहीं बचा है।

   दबी जबान अब पुलिस वाले भी कहने लगे हैं कि, अपराधियों के बढ़ते हौसले का मुख्य कारण, कोतवाल रेखा सिंह का सख्ती से पेश ना आना है। अपराधी अपराध करने के बाद दलालों के माध्यम से सेटिंग गेटिंग कर लेते हैं। जिसमें कोतवाल अपराधियों को शख्ती ना दिखाने का आश्वासन देती है, और अपराधी अपराध करने के बाद खुद ब खुद पुलिस के सामने पेश हो जाते हैं। उदाहरण के लिए थाना क्षेत्र के एक गांव की 13 वर्षीय दलित लड़की को एक दबंग परिवार का युवक अगवा कर घर से भगा ले जाता है, फिर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता है, और फिर पुलिस के सामने पेश हो जाता है। पुलिस नाबालिक लड़की और उसके मां बाप पर सुलह समझौता का दबाव बनाती है। पुलिस मां बाप पर बर्बरता दिखाती है, और जबरदस्ती सुलहनामा पर अंगूठा और दस्तखत करा लेती है। फिर नाबालिक लड़की को आरोपी के हवाले कर देती है। इसी के चलते अपराधियों में पुलिस का खौफ बिल्कुल समाप्त हो चुका है।

    आपको यह भी बता दें कि, यहां की पुलिस जनता के बुनियादी सवालों पर पूरी तरह से फेल है। चारों तरफ अपराध का बोलबाला है। महिलाओं तथा बेटियों के साथ अत्याचार, अन्याय और बलात्कार जैसी जघन्य घटनाएं बढ़ी है, महराजगंज थाना क्षेत्र में बीते 1 महीने में घटी घटनाएं जो रामराज्य के दावे की स्याह तस्वीर पेश करती हैं। यह मुमकिन है कि, लगातार हो रही घटनाओं में अधिकांश घटनाएं मीडिया या पुलिस तक नहीं पहुंच पा रही है, वरना यह सच और भी भयावह रूप ले सकता है। रामराज्य की अवधारणा को जमीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध महराजगंज पुलिस राम राज्य में बसने वाली जनता को हर रोज बलात्कारियों, किडनैपरों तथा चोरों के हवाले करती नजर आ रही है। अब सवाल यह है कि, क्या यह थाना क्षेत्र की जनता में सत्ता का डर पैदा करने की कोशिश है? क्या इस राम राज्य में थाना क्षेत्र के दलित, महिला और अल्पसंख्यकों के लिए कोई जगह नहीं है। ऐसे ही तमाम अनगिनत सवाल जो क्षेत्र की जनता के जेहन में गूंज रहे हैं, जिनका क्षेत्र की जनता जिले के मुखिया एसपी श्लोक कुमार से जवाब चाहती है।

    आपको यह भी बता दें कि, सनातनी राम राज्य में धार्मिक नफरत और धार्मिक हिंसा की कहीं जगह नहीं थी, लेकिन कलयुगी रामराज्य की नींव ही नफरत व हिंसा की बुनियाद पर खड़ी हुई है। लगातार बढ़ते अपराध के बवंडर के बीच रामराज्य का दावा यहां धुंधला होता नजर आ रहा है।



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