शादी से पहले दुल्हन ने ‘दहेज’ में मांगी दो बीघा जमीन, न देने पर शादी से किया इनकार

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में शादी के मंडप के नीचे सात फेरे लेने का सपना संजोये दूल्हे को बड़ा झटका लगा है। दो बीघा बेशकीमती जमीन दुल्हन के नाम न करने पर दूल्हे को बारात लाने से साफ मना कर दिया गया है। अब दोनों पक्षों ने तिलक और गोद भराई की रस्म में दिये गए सामान और नकदी वापस लेने के लिए जिद पर अड़े हैं।

जानकारी के मुताबिक, हमीरपुर सीमा पार कानपुर नगर के सजेती थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी शिवपूजन की शादी यहां कुरारा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पतारा के मजरा हरेहटा गांव में शिवप्रसाद की पुत्री खुशबू के साथ तय हुई थी। दोनों के घरों में शादी की तैयारियां चल रही थीं। दूल्हे की बारात चार दिन बाद 24 जून को हरेहटा गांव जानी थी। शादी के निमंत्रण पत्र रिश्तेदारों और नातेदारों में बंट चुके थे। लेकिन इसी बीच दुल्हन के पिता ने फोन कर शादी करने से मना कर दिया है।

शादी तोड़ने पर दूल्हे की मां जय देवी लड़की पक्ष के घर जाकर बात की लेकिन कोई बात नहीं बनी। गांव में दोनों पक्षों के बीच पंचायत भी हुई जिसमें लड़की का पिता कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं था। शिवपूजन निषाद ने शनिवार को बताया कि शादी दो साल पहले तय हुई थी। तिलक और गोद भराई की रस्में भी हो चुकी हैं। 24 जून को बारात ले जाने की तिथि भी पक्की होने पर घर में तैयारियां चल रही थीं लेकिन दुल्हन के पिता ने फोन कर बारात लाने से मना कर दिया।

शादी से पहले मांगी जमीन
शिवपूजन ने बताया कि चार दिन पहले दुल्हन के पिता ने फोन पर बोला था कि लड़की के नाम पहले दो बीघा जमीन कराओ या फिर चार लाख रुपये बेटी के नाम जमा कराओ वर्ना शादी नहीं होगी। दूल्हे ने बताया कि दो बीघा खेत नवेली थर्मल पावर प्लांट के पास है जो बेशकीमती है। इसी जमीन से घर का खर्चा चलता है और ऐसे में एन वक्त पर लड़की के नाम जमीन कराने का दबाव बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अब ऐसे घर से रिश्ता नहीं किया जाएगा जो शादी से पहले लड़की के नाम पर सब कुछ लिखाना चाहता है। अब लड़की वाले गोद भराई में दिया गया सामान और गहने वापस कर दे।

दूल्हे ने बताया कि मां आज भी गांव में ग्रामीणों के साथ पंचायत में मामले का समाधान कराने में जुटी है। लेकिन लड़की के घर वाले सामान वापस नहीं कर रहे है। कुरारा थाने के प्रभारी निरीक्षक बांके बिहारी सिंह ने बताया कि तहरीर मिल गई है, आगे की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

शादी के लिए सूरत से आया था दूल्हा
शिवपूजन ने बताया कि सूरत में धागा फैक्ट्री में 18 हजार रुपये की नौकरी करता है। यहां शादी की तैयारियों के लिए पिछले माह गांव आये थे। घर में किराना का सामान खरीदा गया। निमंत्रण पत्र छपवाकर रिश्तेदारों को बांटे गए। बारात ले जाने के लिए रोड लाइट, डीजे व बस बुक की गई थी लेकिन अब दुल्हन के पिता ने ही फोन कर बारात लाने से साफ मना कर दिया है। दुल्हन भी तैयार नहीं है।

गोद भराई की रस्म में खर्च हुए रुपये और गहने वापस मांगे
दूल्हे शिवपूजन ने बताया कि शादी तय होने के बाद खुशबू की गोद भराई की रस्म हुई थी जिसमें सोने के कान के टाप्स, पायल, सोने की अंगूठी, तीन साड़ियां, सलवार सूट, नाक की कील व अन्य सामान दिया गया था। और अब शादी नहीं कर रहे है। उसकी मां ने थाने में तहरीर देकर गहने, सामान और शादी की तैयारियों में खर्च हुये रुपये वापस दिलवाए जाने की मांग की है।

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