WTC Final: काइली जैमीसन ऐसे पंक्चर की भारतीय पारी, करियर में पांचवीं बार लगाया पंच

काइली जैमीसन ने बीते साल फरवरी में भारत के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की। उन्हें भारतीय बल्लेबाजी रास आती है और भारतीय बल्लेबाजों के लिए वह चुनौतीपूर्ण विपक्ष हैं। रविवार को साउथम्पटन टेस्ट के तीसरे दिन उन्होंने भारत के पांच विकेट लेकर 300 के स्कोर तक पहुंचने के अरमानों पर पानी फेर दिया। उन्होंने 22 ओवरों में 31 रन देकर पांच विकेट लिए।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के तीसरे दिन जब विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे क्रीज पर उतरे तो भारतीय टीम का स्कोर तीन विकेट पर 146 रन था। कोहली जब चुके थे और रहाणे सेट होते दिख रहे थे। कुल मिलाकर भारतीय टीम एक मजबूत स्कोर का आधार रख रही थी। पर दिन के तीसरे ही ओवर में बाजी पलटनी शुरू हुई। इसकी शुरुआत की छह फुट आठ इंच लंबे कीवी फास्ट बोलर काइली जैमीसन ने। कीवी गेंदबाजों की दमदार वापसी से भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 217 रन पर ऑल आउट हो गई।

जैमीसन ने इंडियन प्रीमियर लीग में अपने कप्तान विराट कोहली को तेजी से अंदर आती एक गेंद पर विकेट के सामने पकड़ लिया। गेंद ने टप्पा खाया और कोहली के बल्ले को छकाती हुई पैड से जा लगी। कोहली हैरान थे। जोरदार अपील हुई और अंपायर ने गेंदबाज के हक में फैसला सुनाया। भारतीय कप्तान ने DRS लेने का फैसला किया लेकिन नतीजा उनके खिलाफ। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में कोहली ने बल्लेबाजी करते हुए 15 बार डीआरएस लिया है और सिर्फ दो फैसले उनके हक में गए हैं। और आज वह मौका नहीं था।

 

जैमीसन खतरनाक गेंदबाज हैं कोहली इस बात से वाकिफ थे। तभी तो आईपीएल के दौरान उन्होंने जैमीसन से पूछा था, ‘क्या तुम्हारे पास ड्यूक बॉल है।’ जैमीसन ने जब इसका जवाब हां में दिया था कोहली ने उनसे पूछा था कि वह नेट में उन्हें गेंदबाजी करेंगे। जिस पर जैमीसन ने इनकार कर दिया था। जैमीसन भी भांप गए थे कि कोहली भले ही आईपीएल में हों लेकिन जेहन में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल चल रहा है। और साउथम्पटन में पहली पारी में यह कीवी गेंदबाज भारी पड़ा।

जैमीसन का यह पारी में दूसरा विकेट था। इसके बाद उन्होंने ऋषभ पंत को स्लिप में टॉम लाथम के हाथों कैच करवाया। गेंद फुल थी। ड्राइविंग लेंथ पर। पंत ललचाए और अपने चिर-परिचित अंदाज में कदम हिलाए बिना बल्ला चला दिया। गेंद दूर थी। बल्ले पर पूरी नहीं आई और किनारा लेती हुई स्लिप में गई। लाथम तैयार थे। वह चूके नहीं। और पंत सिर्फ चार रन बनाकर पविलियन की राह पर चल पड़े।

इसके बाद ईशांत शर्मा और जसप्रीत बुमराह को लगातार गेंदों पर आउट कर जैमीसन ने अपना पंजा पूरा किया। भारत के खिलाफ दूसरी बार उन्होंने यह कर दिखाया। करियर में 8 टेस्ट मैचों में पांचवीं बार पारी में पांच विकेट। अपने पहले आठ टेस्ट मैचों में ऐसा करने वाले वह पहले कीवी बोलर बने।

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