दिल्ली। दक्षिण पश्चिम मानसून के दिल्ली, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब तक पहुंचने में देरी हो सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को कहा कि मानसून को आगे बढ़ाने में सहायक ज्यादातर कारक अनुकूल नहीं हैं। आइएमडी ने कहा कि हवा के रुख से भी ऐसा कोई संकेत नहीं मिल रहा है, जिससे इस क्षेत्र में पूर्वानुमान अवधि के दौरान निरंतर बारिश की उम्मीद बंधती हो।

मौसम विभाग के मुताबिक 26 और 30 जून के बीच मानसून के रुख में बदलाव होगा और वह मजबूत होने के साथ ही धीरे-धीरे उत्तरी भारत की तरफ बढ़ेगा। मौसम के बारे में पूर्वानुमान बताने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक पिछले साल 25 जून को दिल्ली और 29 जून तक पूरे देश में मानसून पहुंच गया था। स्काईमेट वेदर के महेश पलावत ने कहा कि इस साल भी 27 जून तक ही मानसून के दिल्ली पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि एक कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, इसके प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बिजली भी कड़केगी, जिससे जानमाल का नुकसान भी हो सकता है।

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