On this day in 2013: आठ साल पहले महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने रचा था इतिहास, जीता आखिरी बार आईसीसी का बड़ा खिताब

कैप्टन कूल यानी महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) आईसीसी के तीनों बड़े टूर्नामेंट जीतने वाले दुनिया के इकलौते कप्तान हैं। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान धोनी ने आज से ठीक 8 साल पहले यानी 23 जून 2020 को मेजबान इंग्लैंड को उसी के घर में मात देकर आईसीसी चैंपियंस ट्रोफी (2013 ICC Champions Trophy) अपने नाम की थी।

खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया ने अंग्रेजों (India vs England) को 5 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया था। बारिश के कारण मैच को 20-20 ओवर का कर दिया गया था। जीत के लिए मिले 130 रन के टारगेट का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 124 रन ही बना सकी।

भारत की ओर से पेसर ईशांत शर्मा (Ishant Sharma), आर अश्विन (R Ashwin) और रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) ने 2-2 विकेट झटके, जबकि इंग्लैंड के लिए इयोन मोर्गन ने सबसे अधिक 33 और रवि बोपारा ने 30 रन बनाए। जडेजा को मैन ऑफ द मैच और शिखर धवन को मैन ऑफ द सीरीज घोषित किया गया था।

गेंदबाजों ने भारत को दिलाई अच्छी शुरुआत

130 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और उमेश यादव ने दूसरे ही ओवर में कुक को 2 रन निजी स्कोर पर अश्विन के हाथों कैच आउट कराकर भारत को जोरदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद अश्विन और जडेजा ने जादू दिखाना शुरू किया। दोनों ने रनों पर ब्रेक लगाया और इंग्लैंड को कई झटके भी दिए। इयान बेल, जो रूट और जोनाथन ट्रॉट सस्ते में आउट हो गए। बेल (13) को जडेजा, जबकि ट्रॉट (20) और रूट (7) को अश्विन ने आउट किया।

बोपारा ने बढ़ाई टेंशन
रवि बोपारा और इयोन मोर्गन ने पांचवें विकेट के लिए 64 रन जोड़कर भारतीय खेमे में परेशानी जरूर दी लेकिन 18वें ओवर में ईशांत शर्मा ने दो लगातार गेंदों पर मोर्गन और बोपारा को आउट कर टीम इंडिया की मैच में वापसी करा दी। अंतिम ओवर में इंग्लैंड की टीम को जीत के लिए 15 रनों की जरूरत थी। पहली 5 गेंदों पर 9 रन बने। अंतिम गेंद पर जीत के लिए 6 रन बनाने थे लेकिन अश्विन की इस गेंद पर ट्रेडवेल कोई रन नहीं बना सके और उनकी टीम 5 रन से मैच गंवा बैठी।

भारत ने 7 विकेट पर बनाए 129 रन

इससे पहले टॉस जीतकर पहले बोलिंग के फैसले को इंग्लिश गेंदबाजों ने सही साबित किया। भारतीय टीम पर इंग्लिश बोलर्स ने लगाम लगाए रखी और 20 ओवर में 7 विकेट पर 129 रन ही बनाने दिए। भारत के लिए विराट कोहली ने सबसे अधिक 43 और जडेजा ने 33 रनों की नाबाद पारी खेली। टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर रहे शिखर धवन ने 31 रन बनाए।

भारत की खराब शुरुआत
भारत की शुरुआत खराब रही और रोहित शर्मा को महज 9 रन के निजी स्कोर पर ब्रॉड ने बोल्ड कर दिया। दिनेश कार्तिक 6 और कप्तान धोनी खाता खोले बिना आउट हुए।

कोहली और जडेजा ने संभाला
एक समय भारत के 5 विकेट महज 66 रन पर गिर गए थे। लेकिन इसके बाद कोहली और जडेजा ने मिलकर छठे विकेट के लिए 47 रन जोड़ते हुए भारत को कुछ हद तक मुसीबत से उबार लिया और आखिर में टीम इंडिया 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 129 रन का स्कोर बनाने में कामयाब रही।
कोहली ने 34गेंदों पर 4 चौकों और 1 छक्के की मदद से 43 रन और जडेजा ने सिर्फ 25 गेंदों पर 2 चौकों और इतने ही छ्क्कों की मदद से 33 रनों की पारी खेली। इंग्लैंड के लिए रवि बोपारा ने 4 ओवर में सिर्फ 20 रन देकर 3 विकेट झटके।

धोनी की अगुआई में भारत ने साल 2007 में टी20 वर्ल्ड कप, 2011 में वनडे विश्व कप और 2013 में चैंपियंस ट्रोफी पर कब्जा किया था। इंटरनैशनल क्रिकेट से संन्यास के बाद धोनी इस समय आईपीएल में खेल रहे हैं। वह सितंबर में आईपीएल 2021 दूसरे हाफ में चेन्नई सुपरकिंग्स की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे।

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