ऐसा दिव्यांग एथलेटिक ‘द्रोणाचार्य’, जो बिना शुल्क लिए तैयार कर रहा ‘अर्जुन’

आजमगढ़। मलेशिया में सन 2006 में आयोजित नौवें एशियाड हैंडिकैप्ड एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भारत का नाम रोशन करने वाले आजमगढ़ के अजय कुमार मौर्य अब देश की रक्षा करने वाले जवानों को तैयार कर रहे हैं। अजय इस वक्त आजमगढ़ में सेना और पुलिस की तैयारी करने वाले युवकों को ट्रेनिंग दे रहे हैं।

अजय ने नवंबर 2006 में मलेशिया के क्वालालम्पुर में आयोजित एशियाड हैंडिकैप्ड एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भारत को पहला स्थान दिलाने का सपना देखा था, लेकिन उन्हें चौथे स्थान से ही संतोष करना पड़ा। सन 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने उन्हें सम्मानित किया था। अजय का सपना भले ही पुराना हुआ हो, लेकिन आज वह सेना और पुलिस में भर्ती होने वाले कई युवाओं का सपना पूरा करा रहे हैं।

नि:शुल्क दौड़ और फिटनेस की ट्रेनिंग दी जाती है
सेना और पुलिस में भर्ती होने वाले युवाओं को अजय की ओर से नि:शुल्क दौड़ और फिटनेस की ट्रेनिंग दी जाती है। अजय अपने घर से लगभग 20 किलोमीटर दूर दौड़ते हुए आजमगढ़ के सुखदेव पहलवान स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंचते हैं। यहां सैकड़ों युवा उनके आने का इंतजार करते हैं। यही से अजय द्वारा ट्रेनिंग दिए जाने का काम शुरू किया जाता है।

आज कई युवा सेना और पुलिस में हैं
अजय पिछले कई सालों से ऐसा करते आ रहे हैं। अजय द्वारा ट्रेंड किए गए कई युवा आज सेना और पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एक हाथ नहीं होने के बाद भी अजय ने अपनी विकलांगता को कभी आड़े नहीं आने दिया। विकलांग होने के बाद भी अजय ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और कांस्य पदक हासिल किया है।

‘किसी से नहीं लेते शुल्क’
अजय का कहना है कि अपनी जिंदगी में काफी संघर्ष के बाद भी उन्हें वह मुकाम नहीं मिला, जो वह चाहता थे, लेकिन वह यह नहीं चाहते हैं कि कोई युवा बेरोजगारी का अभिशाप झेले। इसी सोच के साथ वह इन युवकों को सेना और पुलिस में भर्ती होने के लिए बिना किसी शुल्क के ट्रेनिंग देते हैं। हां, अपनी स्वेच्छा से कुछ युवक उसे जो देते हैं, उससे वह अपनी जीविका चला लेते हैं।

‘शुरू से अजय प्रतिभावान था’
वहीं, अजय के मार्गदर्शक और बैडमिंटन के इंटरनेशनल रेफरी अजेंद्र राय ने बताया कि अजय शुरू से ही प्रतिभावान रहा है। विकलांग होने के बाद भी उसने कभी हिम्मत नहीं आ रही, लेकिन शासन और प्रशासन से उचित सहयोग नहीं मिल पाने के कारण आज अजय की स्थिति खराब है। आजमगढ़ मंडल के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत अजय के प्रकरण पर बात करते हुए नवभारत टाइम्स को बताया कि राष्ट्रीय खेल पुरस्कार की प्रक्रिया के अजय की सारी रिपोर्ट मंगाई जा रही है और जैसे ही उसकी रिपोर्ट आ जाएगी,आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

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