इब्न ए आदम
हमारे देश की आबादी 140 करोड़ है । अगर रोज़ 80 लाख टीके लगाए जाए तब भी पूरे देश को दो डोज़ लगाने में पूरा एक साल लग जाएगा ।
21 जून को देश में 80 लाख टीके लगे तो प्रधानमंत्री , स्वास्थ्य मंत्री , गृह मंत्री समेत सभी मंत्रियों , भाजपा के नेताओ और मीडिया ने ज़ोर शोर से इसका प्रचार किया लेकिन बाद में 22 जून को कितने टीके लगे , आज कितने टीके लगेंगे , इसके बारे में सब ख़ामोश है ।
भाजपा को हर मामले को इवेंट में बदलने की आदत पड़ चुकी है जो देश के लिए घातक है । मध्य प्रदेश में 20 जून को मात्र 692 टीके लगाए गए और 21 जून को रिकार्ड बनाने के लिए मध्य प्रदेश में देश में सबसे अधिक 16,91,967 टीके लगाए गए और फिर 22 जून को टीकों की संख्या 4000 से भी कम हो गयी । दूसरे भाजपा शासित प्रदेशों में भी ऐसी ही कहानी देखने को मिली है ।
वैक्सिनेशन कोई इवेंट नहीं है , एक प्रॉसेस है । अगर 21 जून को 80 लाख टीके लगे थे तो उसके अगले दिन से टीके की संख्या में बढ़ोतरी होनी चाहिए थी और यह बढ़ोतरी लगातार होनी चाहिए थी , तभी पूरा देश समय से वैक्सिनेट हो पाएगा और देश कोरोना से बचेगा ।
सरकार ने मान लिया है कि देश मूर्खों का है और इन्हें जैसे चाहो वैसे अपनी धुन पर नचा सकते हो । आप चाहे तो सरकार के इवेंट पर नाच सकते हैं लेकिन हक़ीक़त यही है कि सरकार की वैक्सिनेशन की ना कोई पॉलिसी है और ना ही पूरे देश को वैक्सिनेट करने की उनकी कोई इच्छा है ।
आप तीसरी लहर का इंतज़ार कीजिए और जैसे खुद को बचा सकते हो , बचा लीजिए । सरकार पर भरोसा मत कीजिए । आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा पूर्ण रूप से आपके हाथ में है । सरकार हाथ खड़े कर चुकी है । वो आपको वैक्सीन भी नहीं देगी और समय पड़ने पर अस्पताल में बेड , ऑक्सिजन और दवाई भी नहीं देगी ।
सरकार जनसंख्या कंट्रोल कर रही है , ऊपर वाले से दुआ करे कि आप सरकार के इस कार्यक्रम से किसी तरह से बच जाए ।

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