इब्न ए आदम
आप कुलदीप सिंह सेंगर को बलात्कारी समझते हैं , अब कोर्ट उनको कन्विक्ट भी कर चुका है लेकिन भाजपा में उनका जलवा आज भी बरक़रार है ।
एक लड़की ने सेंगर पर अपहरण और बलात्कार का आरोप लगाया तो सरकार ने उसके आरोप को दरकिनार कर दिया । लड़की के पिता को स्थानीय पुलिस ने थाने में उठवा लिया और थाने के अंदर उसे सेंगर के गुंडो ने टोर्चर किया जिससे उसकी मृत्यु हो गयी । लड़की के पिता की मृत्यु के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा हुआ लेकिन सरकार ने उसके बाद भी सेंगर को गिरफ़्तार नहीं किया । इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर मामले की CBI जाँच का आदेश दिया तब जाकर सेंगर गिरफ़्तार हुए । उसके बाद लोकल भाजपा नेताओ ने सेंगर के समर्थन में तिरंगा यात्रा निकाली ।
जेल में जाने के बाद भी सेंगर का रुतबा कम नहीं हुआ। कोर्ट जाते हुए पीड़िता पर जानलेवा हमला हुआ जिसमें बलात्कार पीड़ित महिला बुरी तरह से घायल और दो लोगों की मौत हो गयी थी । उस मामले में सेंगर के साथ अरुण सिंह सह आरोपी हैं ।
साक्षी महाराज सांसद बनने के बाद सेंगर को धन्यवाद देने जेल गए और दाँत चिराते हुए उन्होंने बड़ी बेशर्मी से यह बयान भी दिया कि सेंगर को धन्यवाद देने गए थे । अभी हाल ही में ज़िला पंचायत के चुनाव में भाजपा ने सेंगर की पत्नी को टिकट दिया , सोशल मीडिया पर हंगामा हुआ तो मजबूरी में भाजपा ने उनका टिकट रद्द कर दिया ।
अब हत्या के मुक़दमें के सहआरोपी अरुण सिंह को भाजपा ने ज़िला पंचायत अध्यक्ष पद का टिकट दे दिया है । क्या पूरे उन्नाव में भाजपा के पास सेंगर या उसके गुर्गों के अलावा कोई आदमी नहीं है जिसे वो ज़िला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़वा सके । अगर जातीय समीकरण के हिसाब से भाजपा को ठाकुर ही टिकट देना था तो किसी दूसरे ठाकुर को टिकट दे देती ।
क्या भाजपा ने लोक लाज बिल्कुल छोड़ दी है ??

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *