हिसार। जिले से हर रोज लोगों के आत्महत्याओं की खबरे आ रही हैं। पिछले तीन दिन में 5 लोगों ने अपनी जान ले ली। लोगों की सहनशक्ति शायद इतनी नहीं रही कि वे लोग जीने की इच्छा छोड़ मौत को गले लगा रहे हैं। देखने में आ रहा अधिकतर युवा अपनी जान गृहक्लेश के चलते ले रहे हैं। कल भी एक युवक ने पत्नी से अनबन के चलते फांसी लगा ली थी।

वहीं हांसी के उमरा गांव निवासी करीब 36 वर्षीय अमरजीत ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। इसके बाद युवक ने अपने छोटे भाई ब्रहमजीत को फोन कर हिसार बुलाया। ब्रहमजीत उसे घर ले जाने लगा तो सुल्तानपुर के पास पहुंचते ही अमरजीत की हालत बिगड़ गई। उसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर हिसार नागरिक अस्पताल के शवगृह में भिजवाया। जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। मामले में मृतक के मामा बनी सिंह अहलावत ने बताया कि अमरजीत और ब्रहमजीत गांव से बाइक पर सवार होकर हिसार गए थे। अमरजीत आधार अस्पताल के पास उतर गया, जबकि ब्रहमजीत बाइक लेकर डाबड़ा गांव के लिए चला गया।

उन्होंने बताया कि उसके करीब आधे घंटे बाद अमरजीत ने ब्रहमजीत फोन कर कहा कि साउथ बाईपास के पास जा जाए। मुझे घर जाना है। ब्रहमजीत मौके पर पहुंचकर अमरजीत को बाइक पर बैठाकर अपने साथ लेकर घर के लिए चला तो सुल्तानपुर के पास पहुंचते ही अमरजीत बाइक से गिर गया। उस दौरान अमरजीत के मुंह से दुर्गंध आ रहा थी। पूछने पर अमरजीत ने ब्रहमजीत को बताया कि उसने सल्फास निगला है। ब्रहमजीत तुरंत उसे हिसार के निजी अस्पताल ले गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हिसार सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए हिसार नागरिक अस्पताल के शवगृह में भिजवाया। मामले में पुलिस ने ब्रहमजीत के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की है। वहीं मामा बनी सिंह का कहना है कि अमरजीत आधार अस्पताल उतरकर वहां से कोर्ट जा रहा था। वहां से वह बाईपास कैसे पहुंचा। ये सवाल उनके जेहन में बार-बार आ रहा है। उन्होंने कहा कि अमरजीत का किसी से झगड़ा नहीं था।

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