Noida Robbery case: 25 करोड़ से ज्यादा आया था कैश, ठिकाने लगाने के लिए खरीदा था सोना, महिला का किरदार भी आया सामने

ग्रेटर नोएडा की पूर्वांचल सिल्वर सिटी सोसायटी में हुई चोरी में जांच आगे बढ़ी है। यहां फ्लैट नंबर-301 से हुई चर्चित चोरी की जांच में यह सामने आया है कि जिस किसी का सोना था उसके पास 25 करोड़ रुपये से ज्यादा कैश कहीं से आया था। इतना ज्यादा कैश रखना सुरक्षित नहीं समझा। इसलिए कैश को ठिकाने लगाने के लिए सोना खरीदा। फिर भी 6.5 करोड़ कैश बच ही गया था।

यह कैश और फिर बाद में सोना घर से दूर सुरक्षित रखने के लिए फ्लैट किराए पर लिया गया था। इसके बाद यहां से 40 किलो सोना और 6.5 करोड़ कैश चोरी हुआ। पुलिस के मुताबिक, घर आए कैश से सोना खरीदने और फ्लैट तक पहुंचाने में एक महिला का अहम किरदार भी सामने आया है। फ्लैट फरवरी-2020 में किराए पर लिया गया था। इस महिला ने पहले फ्लैट पर कैश पहुंचाया था। इसके बाद सोना लेकर रखवाने पहुंची थी।

सोना एक ही बैग में था। इस वजह से बैग ज्यादा भारी था। अकेले न उठा पाने के चलते महिला ने योग शिक्षक कृष्ण मुरारी की मदद ली थी। योग शिक्षक ने ही कार से सोने के बिस्किट वाला बैग उठाकर लिफ्ट तक पहुंचाया था। जिस कार से सोना आया था वह कार और चालक उस महिला के घर के नहीं थे। सोना रखे जाने के साथ ही योग शिक्षक को उस सोसायटी में किराए पर दूसरा फ्लैट दिलवाया गया।

इसके बाद जब चोरी हुई तो अगले दिन ही महिला फ्लैट पर पहुंची थी। उसने ही अंदर सोना व कैश न होने की जानकारी योग शिक्षक को देकर बुलाया था। बाद में मौके पर महिला का पति पहुंचा था, जिसने मामले की नजाकत को भांपते हुए कुछ भी चोरी होने से इनकार किया था। हिरासत में योग शिक्षक ने भी आखिर में कई अहम जानकारियां पुलिस को दी हैं। चोरी के बाद ही यह फ्लैट खाली कर दिया गया था।

राममणि पांडेय के परिवार को नोटिस
चोरी हुई संपत्ति के मालिक की तलाश में नोएडा पुलिस ने ग्रेटर नोएडा निवासी राममणि पांडेय उनकी पत्नी संजू पांडेय और बेटे किसलय पांडेय को नोटिस दिया है। पुलिस के मुताबिक ये तीनों फरार हैं। इसलिए नोटिस उनके घरों पर चस्पा किए गए हैं। इस परिवार के ग्रेनो में ही पुलिस को तीन आलीशान विला पता चले हैं। एक विला किसलय की एक कंपनी के नाम पर है। दो विला राममणि पांडेय की पत्नी संजू पांडेय के नाम हैं। इन तीनों पर नोटिस चस्पा हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नोटिस का संबंधित व्यक्तियों ने कोई जवाब नहीं दिया है। एक अधिवक्ता थाने जरूर पहुंचे थे जिन्होंने खुद को किसलय पांडेय के परिवार की तरफ से होना बताया। इसके साथ ही 15 दिन का समय दिए जाने की मांग की। इस पर पुलिस ने यह जवाब दिया कि राममणि पांडेय, संजू पांडेय या किसलय पांडेय कोई सामने आकर अपनी बात रखें या समय मांगे तो जरूर दिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक नोटिस का समय पूरा हो गया है। बुधवार रात या गुरुवार को फिर से दूसरी नोटिस दी जाएगी।

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