आवेश तिवारी
एक घोषित आपातकाल से ज्यादा खतरनाक अघोषित आपातकाल होता है क्योंकि आप भरम में होते हैं। मोदीं सरकार का आपातकाल बेहद बर्बर, क्रूर, चालाकी भरा और बुनियादी मानवीय मूल्यों और मानवाधिकारों का गला घोंटने वाला है। जब नजदीक से देखता हूँ तो पाता हूँ-
देश की फिजा में अज्ञात भय घुला हुआ है सत्ता का विरोध राष्ट्र का विरोध है गर आप विरोधी हैं तो आप राष्ट्रद्रोही हैं। कारपोरेट मीडिया और उसके प्यादे इस क्रूर, जनविरोधी सत्ता के साथ खड़े हैं और उसको बार बार स्थापित करना चाहते हैं।
सरकारी मशीनरी पूरी तरह से फेल हैं 20 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन कहीं से कोई जुम्बिश नही है। मिथ्याचारिता चरम पर है , हर सवाल का जवाब झूठ है हर उपलब्धि झूठ है लेकिब उसे सच की तरह प्रस्तुत किया जा रहा।
सरकार, राष्टभक्त नही मोदी भक्त, सत्ता भक्त तैयार कर रही है। उसे पता है कि वही उसकी सत्ता को बचाये रखेंगे। महंगाई ,बेरोजगारी भुखमरी जेरेगौर नही है एक बड़ी आबादी को समझा दिया गया है कि यह सब हिन्दू राष्ट्र के निर्माण में आने वाले रोड़े हैं।

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