सौमित्र रॉय
चीन ने आज सिचुआन से ल्हासा यानी तिब्बत तक बुलेट ट्रेन चलाकर बता दिया कि काम करना किसको कहते हैं।
2014 में नरेंद्र मोदी ने आकर बुलेट ट्रेन का जुमला फेंका था। फिलहाल उसका गुर्गा पीयूष गोयल 130 किमी प्रति घंटे की औसत रफ्तार से पुरानी खटारा को स्पेशल ट्रेन बताकर मुसाफिरों को लूट रहा है।
शी जिनपिंग ने 2014 में ही 435 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट को शुरू किया था। छाती नहीं पीटी थी।
अब ल्हासा से न्यांगची महज 3.5 घंटे की दूरी पर है। और अपना लेह, श्रीनगर से 11 घंटे और मनाली से 18 घंटे की दूरी पर। मोदी की छाती तभी तो चीन का नाम सुनते ही पिचक जाती है।

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