साइबर फ्रॉड किया तो बैंक खाता होगा सीज, ‘हेल्पलाइन  नम्बर 155260’ पर तुरंत मिलेगी मदद

राजधानी लखनऊ से लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों को रोकने के लिए यूपी पुलिस की टीम अब पूरी तरह से सक्रिय हो गई है, जिसके चलते केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए हेल्पलाइन नम्बर पर साइबर अपराध की जानकारी देते ही फ्रॉड करने वाले अपराधी का खाता तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया जाएगा। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से शुरू हुई हेल्पलाइन सेवा को यूपी में पूरी तरह से लागू कर दिया गया है।

साइबर अपराध होने पर डायल करें 155260, 7 राज्यों में मिल रही सेवा
साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई हेल्पलाइन सेवा 155260 यूपी समेत छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, तेलंगाना और उत्तराखंड में पूरी तरह से लागू कर दी गयी है। साइबर अपराध के तहत अकाउंट से आकस्मित पैसा ट्रांजेक्शन होने की स्थिति में पीड़ित को तुरन्त ही इस नम्बर पर अपराध से जुड़ी जानकारी देनी होगी, जिसके बाद हेल्पलाइन डेस्क पर बैठी टीम मामले को संज्ञान में लेते हुए अपराधी के खाते को तुरन्त बंद करा देगी।

बैंक के नोडल अधिकारी की मदद से साइबर अपराधी का खाता होगा सीज ! क्या होगी प्रक्रिया
यूपी में इस सेवा के लागू होने के बाद अब कोई भी आम व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई को दूसरों की नजरों से बचा पाएगा। लखनऊ साइबर क्राइम सेल के एसीपी विवेक रंजन ने बताया कि साइबर अपराध के चलते किसी के अकाउंट से यदि अचानक मोटी रकम का ट्रांजेक्शन होता है तो इसके लिए सीधे हेल्पलाइन नम्बर 155260 को डायल करके मदद मांगी जा सकती है। इस हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके पीड़ित को ट्रांजेक्शन से जुड़ी पूरी डिटेल देनी होगी। जिसके बाद हेल्पलाइन डेस्क पर बैठे कर्मचारी अपराध से जुड़ी सभी डिटेल्स को एक फॉर्म में भर देंगे और उस फॉर्म को संबंधित जिले के साइबर क्राइम सेल की टीम को बढ़ा दिया जाएगा। चंद मिनटों में संबंधित जिले के अधिकारी ट्रांजेक्शन का आधार बनने वाले बैंक में तैनात नोडल अधिकारी से सम्पर्क करके अपराधी के बैंक को ट्रांजेक्शन की डिटेल्स निकालकर सीज करा देंगे। इससे पीड़ित के बैंक खाते से होने वाला ट्रांजेक्शन वहीं रुक जाएगा और पीड़ित भारी नुकसान होने से खुद को बचा पाएगा।

रंजन ने कहा कि पीड़ित व्यक्ति से ओटीपी के जरिए पैसा किसी ई-वॉलेट यानि पेटीएम, फोनपे आदि में भी गया होगा तो ऐसी स्थिति में भी हेल्पलाइन नम्बर पर जानकारी दर्ज कराने के बाद ट्रांजेक्शन को रोककर पैसा वापस मिल जाएगा।

थाने और साइबर क्राइम के कार्यालय पर होने वाली दौड़भाग से मिलेगा निजात
अभी तक साइबर अपराध होने पर पीड़ित को लिखित एप्लिकेशन के साथ अपने क्षेत्रीय थाने और वहां से साइबर क्राइम सेल के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे, इस हेल्पलाइन सेवा 155260 के शुरू होने के बाद अब किसी पीड़ित को थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बल्कि, हेल्पलाइन नम्बर पर फ्रॉड होने के तुरंत बाद फोन करके पर पीड़ित की मदद की जाएगी और साइबर अपराध का शिकार होने से बचा लिया जाएगा।

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