Ghaziabad News: गाजियाबाद बुजुर्ग की पिटाई मामले में मिला प्रवेश का मोबाइल, खुल सकते हैं कई राज

यूपी में गाजियाबाद के लोनी में बुजुर्ग से मारपीट, अभद्रता और ट्विटर पर उसे धार्मिक रंग देने के मामले में जहां एक तरफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है, तो दूसरी तरफ भ्रामक जानकारी के प्रचार मामले में दर्ज हुए मुकदमे में शामिल नामों के बयान के लिए पुलिस नई रणनीति बना रही है।

लोनी बॉर्डर पुलिस ने अब्दुल समद के साथ हुई मारपीट के आरोपी प्रवेश को रिमांड पर लेने के बाद उससे पूछताछ के आधार पर घटना से जुड़ीं कई चीजें बरामद की हैं। सीओ लोनी अतुल सोनकर ने बताया कि इस मामले में घटना का वीडियो प्रवेश के जिस मोबाइल से बनाया गया था, उसे पुलिस ने बरामद किया है। साथ ही धमकाने के लिए इस्तेमाल किए गए तमंचे और दाढ़ी काटने वाली कैंची भी पुलिस ने बरामद की है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

मोबाइल में नहीं मिला वीडियो
जानकारी के अनुसार, 5 जून को अब्दुल समद से मारपीट का वीडियो प्रवेश के मोबाइल से बनाया गया था। पुलिस ने उसके मोबाइल को तो बरामद कर लिया है, लेकिन उसमें वह वीडियो नहीं मिला है। पुलिस मोबाइल को एफएसएल के पास भेज रही है। ताकि वीडियो को रिकवर किया जा सके। बता दें कि प्रवेश को रंगदारी मामले में पीसीआर पर लिया गया था। प्रवेश के मोबाइल पर बने मारपीट के वीडियो को एडिट कर सोशल मीडिया पर डाला गया था।

इस वीडियो को किन-किन लोगों को भेजा गया, पुलिस इसकी भी जानकारी कर रही है। बिना ऑडियो वाले इस वीडियो में बुजुर्ग की दाढ़ी काटने के मामले को धार्मिक रंग दिया गया था। मारपीट मामले में पुलिस प्रवेश समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस जांच में सामने आया था कि घटना ताबीज के विवाद में हुई थी। इस मामले में फेसबुक पर गलत जानकारी के साथ फेसबुक लाइव करने वाले सपा नेता उम्मेद पहलवान को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है और अभी अन्य नामों की भी जांच की जा रही है।

कोर्ट ऑर्डर की स्टडी के बाद ही आगे कदम बढ़ाएगी पुलिस

वहीं इस मामले को धार्मिक रंग देने के आरोप में पुलिस ट्विटर इंडिया पर समेत 9 लोगों पर केस दर्ज कर चुकी है। अब इनके खिलाफ आगे ऐक्शन के लिए पुलिस कानूनी सलाह ले रही है। दरअसल पुलिस ने ट्विटर इंडिया के एमडी को 24 अक्टूबर को बयान दर्ज कराने के लिए लोनी बॉर्डर थाने में बुलाया था।

ट्विटर के बयान दर्ज कराने के लिए नहीं आने पर सेक्शन 41 के तहत कार्रवाई की बात की गई थी। इसे लेकर ट्विटर इंडिया के एमडी कर्नाटक हाई कोर्ट गए थे। वहां से उन्हें 29 जून तक की राहत मिली है। ऐसे में गाजियाबाद पुलिस के अधिकारी कर्नाटक हाईकोर्ट के इस आदेश की स्टडी के बाद ही आगे कोई फैसला करने की बात कह रहे हैं। एफआईआर में शामिल कुछ अन्य नामों को भी नोटिस जारी किए थे, जिनमें से कुछ ने हाईकोर्ट का रुख किया है।

वीडियो कॉन्फ्रेंस पर बन सकती है बात
जानकारी के अनुसार, अब ट्विटर ही नहीं एफआईआर में शामिल अन्य लोगों से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस बात कर सकती है। पुलिस इस पर विचार कर रही है। डीआईजी अमित पाठक ने भी पूरी स्टडी के बाद कई पॉइंट पर आगे बढ़ने के विकल्प की बात कही थी। हालांकि अभी तक अधिकारिक रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंस की बात नहीं की गई है।

गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रवेश ने किया था कोर्ट में सरेंडर
पुलिस रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद शुक्रवार को प्रवेश गुर्जर को कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद कोर्ट ने उसे ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया है। हालांकि दो दिन पूर्व पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रवेश गुर्जर ने किसी दूसरे मामले में कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इसके बाद दाढ़ी काटने के मामले में उसके वकील परविंदर नागर ने उसे कोर्ट से अंतरिम जमानत दिला दी थी।

पुलिस ने इस मामले में कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर गुरुवार को प्रवेश गुर्जर का 2 दिन का रिमांड मांगा था। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने 6 घंटे का रिमांड स्वीकार कर लिया था। लोनी बॉर्डर पुलिस ने शुक्रवार सुबह डासना जेल पहुंचकर 8 बजे प्रवेश को रिमांड पर लिया था।

गाजियाबाद पिटाई मामले में गिरफ्तार आरोपी

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