अगर आपको एयरबस-320 जैसे शानदार विमान में अकेले ही राजा-महाराजाओं की तरफ सफर करने का मौका मिले तो आप कहेंगे कि यह तो सपनों की बातें हैं। सच्चाई नहीं। आप यह चौंक जाएंगे कि पंजाब के सरबत दा भला ट्रस्ट के पेट्रन और बिजनेसमैन डॉ. एसपी सिंह ओबराय (dr sp singh oberoi) ने ऐसा ही अनूठा सफर किया है।
हिमाचल प्रदेश के रहने वाले 60 वर्षीय ओबराय ने 23 जून को एयर इंडिया के 248 सीटर विमान में दुबई (UAE) तक का सफर अकेले करने का लुत्फ उठाया है। उनके अलावा विमान में केवल क्रू स्टाफ ही मौजूद था। पूरी यात्रा में वह खुद को ‘महाराजा’ महसूस करते रहे। बिजनेसमैन ओबराय पंजाब में समाजसेवा करने वाले अग्रणी शख्सियतों में शामिल हैं। वह दुबई में मुश्किल में फंसे भारतीयों की मदद के लिए जाने जाते हैं।
बता दें कि दस साल के गोल्डन वीजा धारक ओबराय का दुबई में बिजनेस हैं। वहां की सरकार ने कोविड के कारण भारत से लोगों के आगमन पर रोक लगा रखी है। इस कारण वह नागर विमानन मंत्री के हस्तक्षेप के बाद दुबई की तक की यात्रा कर पाए। इससे पहले, 19 मई को एक अन्य भारतवंशी कारोबारी भावेश जावेरी को भी एमिरेट्स एयरलाइंस की 360 सीटों वाले विमान में मुंबई से दुबई तक अकेले यात्रा करने का मौका मिला था।
ओबेराय ने बताया, ‘मैंने 23 जून की सुबह चार बजे अमृतसर से दुबई के लिए फ्लाइट ली। खुशकिस्मती से मैं उस फ्लाइट में अकेला यात्री था। पूरी यात्रा के दौरान मुझे महाराजा होने का एहसास होता रहा।’ तीन घंटे लंबी दुबई की उड़ान की याद को ताजा करते हुए ओबराय कहते हैं, ‘मेरे साथ चालक दल के सभी सदस्यों ने अच्छा व्यवहार किया और मैंने खाली विमान की तस्वीर भी ली। मैंने चालक दल के सदस्यों और पायलटों के साथ तस्वीरें भी लीं।’
हालांकि, इसका दूसरा पहलू भी रहा। ओबराय (dr sp singh oberoi) अकेले बोरियत भी महसूस करने लगे। उन्होंने कहा, ‘सबसे ज्यादा कमी तो बोले सो निहाल और सत श्री अकाल जैसे नारों की खली जो पंजाब के लोग अक्सर विमान के उड़ान भरने और उतरने के वक्त लगाते हैं।’ ओबेराय बताते हैं, ‘मेरे पास यात्रा से संबंधित सभी दस्तावेज व यूएई से अधिकृत टीकाकरण प्रमाण पत्र मौजूद थे। लेकिन, एयर इंडिया ने बोर्डिंग कराने से इन्कार कर दिया। बाद में नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के दखल पर यात्रा की इजाजत मिली।’

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