प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई है, मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में ये पहले कैबिनेट विस्तार होगा, मोदी सरकार में कई मंत्रियों के पद खाली हैं, इसलिये माना जा रहा है कि इस बार होने वाले कैबिनेट विस्तार में सर्बानंद सोनोवाल, सुशील कुमार मोदी, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत 27 नेताओं को शामिल किया जा सकता है, उम्मीद के मुताबिक मंत्रिमंडल फेरबदल में सोशल इंजीनियरिंग का भी ध्यान रखा जाएगा।
कैबिनेट विस्तार की संभावनाओं के बीच कई बड़े नेताओं और पूर्व में राज्यों की कमान संभाल चुके कई दिग्गजों के भी कैबिनेट में शामिल होने की चर्चा है, कहा जा रहा है कि असम के पूर्व सीएम सर्बानंद सोनोवाल, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम नारायण राणे, बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, एमपी के पूर्व कांग्रेसी नेता ज्योतिरादित्या सिंधिया, पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय, भूपेन्द्र यादव को मंत्री पद दिया जा सकता है।
इसके अलावा बीजेपी प्रवक्ता जफर इस्लाम, सांसद वरुण गांधी, अनिल जैन, ओडिशा से सांसद अश्विनी वैष्णव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा, पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी, यूपी बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का भी नाम भी शामिल है। माना जा रहा है कि यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी अपनी सहयोगी अपना दल की अनुप्रिया पटेल को भी केन्द्रीय मंत्रीमंडल में शामिल कर सकती है।
इस बार होने वाले कैबिनेट विस्तार में बीजेपी की सहयोगी जदयू भी शामिल हो सकती है, जदयू कोटे से आरसीपी सिंह या ललन सिंह में किसी एक को मंत्री पद दिया जा सकता है, इसके अलावा चिराग पासवान को हटाकर लोजपा संसदीय दल के नेता बने पशुपति कुमार पारस भी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं, इस बार के मंत्रिमंडल विस्तार में दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी और महाराष्ट्र के बीड से सांसद प्रीतम मुंडे को भी मंत्री बनाया जा सकता है।

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