दिल्ली। जरूरतमंद किसानों को केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही पीएम किसान योजना का लाभ गैरजरूरतमंद लोग उठा रहे थे। गड़बड़ी की जानकारी होने पर शासन ने ऐसे करीब 12 हजार से ज्यादा खातों में किस्त जाने पर रोक लगाई है, साथ ही योजना के पैसे की वसूली भी की जा सकती है।

दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में 12 हजार से ज्यादा अपात्र किसानों के खाते में किस्त का पैसा जा रहा है। निदेशालय की जांच में गड़बड़ी सामने आई है, जिसमें पता चला कि पीएम किसान योजना का लाभ वो लोग भी ले रहे थे जो इनकम टैक्स देते हैं। साथ ही मर चुके 532 खातों में भी किसान सम्मान निधि की किस्त जा रही थी। इसके बाद अपात्र किसानों से किस्त का पैसा वसूला जा सकता है।

जानिए योजना की क्या हैं शर्तें

1. – अगर कोई किसान खेती करता है, लेकिन कृषि भूमि उसके नाम पर होने के बजाय परिवार के किसी दूसरे सदस्य के नाम पर है, तो उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

2. – 10,000 रूपये से अधिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।

3. – यदि कोई किसान किराए की जमीन पर खेती करता है, तो वह भी इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेगा।

4. – किसी तरह के संवैधानिक पद पर रह रहा किसान को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

5. – केंद्र, राज्य सरकार में मंत्री, सांसद अथवा विधायक रहे लोगों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।

6. – यदि किसी व्यक्ति ने पिछले वर्ष में आयकर रिटर्न भरा है, तो वह भी इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेगा।

7. – किसी भी सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त कर्मचारी भी इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे।

8. – वहीं अगर कोई व्यक्ति डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चाटर्ड अकाउंटेंट अथवा आर्किटेक्ट जैसे पद पर कार्यरत है, तो उसे भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

कैसे करें किस्त के पैसे वापस – अगर आप योजना के पात्र नहीं हैं और आपके खाते में पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा आ गया है तो आप उसे बैंक के जरिए भी वापस कर सकते हैं। इसके लिए आपको सबसे पहले बैंक जाना होगा, जिस बैंक के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की राशि आती है। आप बैंक से उसी खाते में रुपये रिवर्स करने का निवेदन कर सकते हैं। रिवर्स एंट्री के जरिए जैसे ही पैसा कृषि मंत्रालय के खाते में जाएगा। आप स्वयं ही PM Kisan Yojana की लाभार्थी सूची से बाहर हो जाएंगे।

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