PM Modi Mann Ki Baat : पीएम बोले-खेलों के लिए समर्पित था मिल्खा सिंह का जीवन, खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन को थे तैयार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) में आगामी तोक्यो ओलिंपिक का जिक्र करते हुए महान धावक मिल्खा सिंह (Milkha Singh) को याद किया। मिल्खा सिंह की हाल में कोरोनावायरस संक्रमण से लगभग एक महीने जूझने के बाद निधन हो गया था।

पीएम ने कहा, ‘ जब हम ओलिंपिक की बात कर रहे हों तो भला मिल्खा सिंह जी को कैसे भूल सकते हैं। कुछ दिन पहले ही कोरोना ने उन्हें हमसे छी लिया। जब वह अस्पताल में थे, तो मुझे उनसे बात करने का अवसर मिला था। मैंने उनसे आग्रह किया था कि जब हमारे खिलाड़ी ओलिंपिक्स के लिए तोक्यो (2020 Tokyo Olympics) जा रहे हैं तो आपको हमारे एथलीटों का मनोबल बढ़ाना हैं और उन्हें अपने संदेश से प्रेरित करना है। वह खेल को लेकर इतना समर्पित और भावुक थे कि उन्होंने बीमारी में भी इसके लिए तुरंत हामी भर दी।’

फ्लाइंग सिख (Flying Sikh) के नाम से फेमस मिल्खा सिंह ने 18 जून को चंडीगढ़ में अंतिम सांस ली। वह 91 वर्ष के थे। मिल्खा सिंह के निधन से 5 दिन पहले उनकी पत्नी निर्मल कौर का भी देहांत हो गया था।

1958 के कॉमनवेल्थ गेम्स में मिल्खा सिंह ने गोल्ड मेडल जीता था। यह आजाद भारत का पहला गोल्ड मेडल था। हालांकि इसके बाद 1960 के रोम ओलिंपिक में मिल्खा पदक से चूक गए थे। इस हार का उनके मन में गम था।

इसके बाद साल 1960 में ही उन्हें पाकिस्तान के इंटरनैशनल ऐथलीट कंपीटीशन में न्योता मिला। मिल्खा के मन में बंटवारे का दर्द था। वह पाकिस्तान जाना नहीं चाहते थे। हालांकि बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के समझाने पर उन्होंने पाकिस्तान जाने का फैसला किया।

पाकिस्तान में उस समय अब्दुल खालिक का जोर था। खालिक वहां के सबसे तेज धावक थे। दोनों के बीच दौड़ हुई। मिल्खा ने खालिक को हरा दिया। पूरा स्टेडियम अपने हीरो का जोश बढ़ा रहा था लेकिन मिल्खा की रफ्तार के सामने खालिक टिक नहीं पाए। मिल्खा की जीत के बाद पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति फील्ड मार्शल अयूब खान ने ‘फ्लाइंग सिख’ का नाम दिया।

पीएम मोदी ने कहा, ‘ जब प्रतिभा, समर्पण, दृढ़ संकल्प और खेल भावना एक साथ आती है, तो आपको एक चैंपियन मिलता है। हमारे देश में, एथलीट छोटे शहरों, गांवों और जिलों से बाहर आते हैं। तोक्यो जा रहे ओलिंपिक दल में भी कई ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जिनका जीवन बहुत प्रेरित करता है। हमें उनकी हौसला अफजाई करने की जरूरत है।’

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