डोपिंग मामले में पहली बार महिला क्रिकेटर पर लगा 4 साल का बैन

अपनी तरह के पहले मामले में एक महिला क्रिकेटर को चार साल का बैन लगाया है। नैशनल ऐंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) ने डोप टेस्ट (Dope Test) में फेल होने क बाद यह बैन लगाया है।

अंशुला राव (Anshula Rao), मध्य प्रदेश के लिए क्रिकेट खेलती हैं। वह ऑलराउंडर हैं। ऐंटी डोपिंग एजेंसी ने हालिया फैसले में कहा है कि राव ने इस प्रतिबंधित दवा का सेवन जानबूझकर और जानकारी में लिया है।

राव मध्य प्रदेश क्रिकेट असोसिएशन (MPCA) के जरिए बीसीसीआई (BCCI) की रजिस्टर्ड खिलाड़ी हैं और 2019-20 में उन्होंने महिला की अंडर-23 टी20 टूर्नमेंट में भाग लिया था। राव को 14 मार्च को पॉजिटिव पाया गया था। उनके दो सैंपल बेल्जियम भेजे गए थे। इन सैंपल्स में प्रतिबंधित दवाएं पाईं गईं थीं।

ऑलराउंडर अंशुला मध्यप्रदेश की ओर से कई टूर्नामेंट खेल चुकी हैं। पिछले साल उन्हें मार्च में प्रतिबंधित पदार्थ लेने के कारण निलंबित कर दिया गया था। वह बड़ौदा में पिछले साल मार्च में पॉजिटिव पाई गई थीं।

एंटी डोपिंग डिसिप्‍लिनरी पैनल के चेरमैन एडवोकेट गौरंग कांत, सदस्य डॉ राणा और खिलाड़ी अखिल कुमार का मानना है कि ये पूरी तरह खिलाड़ी की जिम्‍मेदारी है कि वो अपने शरीर का ध्‍यान रखे और किसी तरह के प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन न करे। पैनल इस मामले में अंशुला के समर्थन में नहीं है क्‍योंकि उन्‍होंने प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने को लेकर कोई स्‍पष्‍टकीरण नहीं दिया है।

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