राम मंदिर जमीन घोटाला: महंत धर्मदास ने कहा- अगर जांच की बात हो रही है तो भाग क्यों रहे हैं

अयोध्या के संतों और हिन्दू संगठनों ने सरयू तट तुलसीघाट स्थित संकट मोचन मंदिर के बाहर हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करके मंदिर स्थित हनुमान जी के विग्रह को राममंदिर ट्रस्ट पर जमीन घोटाले का आरोप लगाते हुए ज्ञापन की कापी सौंपी। प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आने वाले दिनों जलसत्याग्रह और परिक्रमा के विषय में भी विचार किया गया।

संत बोले…
अनि निर्वाणी अखाड़ा के महंत धर्मदास ने कहा कि ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, इसकी निष्पक्ष जांच सरकार को करनी चाहिए। रसिक पीठाधीश्वर बड़ा स्थान जानकी घाट के महंत जनमेजय शरण ने कहा कि ट्रस्ट के लोगों के इशारे पर बाहरी तत्व उल्टा सीधा बयान क्यों दे रहे हैं, अगर जांच की बातें कही जा रही हैं तो ये लोग इससे भाग क्यों रहे हैं, जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए।

बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास जी महाराज ने भी निष्पक्ष जांच की बात कही। खंडेश्वरी मंदिर के महंत स्वामी दिलीप दास त्यागी ने कहा कि हमने सर्वोच्च न्यायालय केंद्र और राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की थी। यदि कोई दोषी है तो उसके ऊपर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज हो। स्वामी दिलीप दास ने आगे बताया कि हमारा अगला कदम जल सत्याग्रह होगा। इसके बाद अयोध्या की परिक्रमा होगी, जिसमें लाल कृष्ण आडवाणी मुरली मनोहर जोशी सहित राम रथ यात्रा के सभी लोगों को आमंत्रित किया जाएगा, अगर जांच निष्पक्ष नहीं होती है तो इसे एक बड़ा जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा।

कोर्ट को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए
आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे शिवसेना प्रमुख एवं बाबरी विध्वंस के आरोपी संतोष दुबे ने कहा कि ट्रस्ट में दागी लोगों को तुरंत बाहर किया जाना चाहिए। इसकी उच्च स्तरीय जांच के लिए केंद्र सरकार को पहल करनी चाहिए। हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता मनीष पांडेय ने कहा कि ट्रस्ट का गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हुआ था, इसलिए पूरे मामले को सुप्रीम कोर्ट को स्वत: संज्ञान में लेकर 5 सदस्यीय जजों की कमेटी गठित कर इसकी निष्पक्ष जांच करे। ज्ञापन देने वाले प्रमुख लोगों में महंत सीताराम दास, नंद लाल दास, महाविरक्त अयोध्या दास ,रमेश दास शास्त्री, छविराम दास, गोरख नंदन दास, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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