सार………

कांग्रेस से उत्तरी आरती सिंह एक बेहद लोकप्रिय चर्चित राजनीतिक परिवार के घराने से संबंध रखती हैं। वह भाजपा के दो बार सांसद व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे स्वर्गीय अशोक सिंह की बहू है। तो दूसरी ओर रंजना चौधरी जिनके बारे में कहा जाता है कि, वह वर्तमान प्रदेश सरकार के एक काबीना मंत्री की काफी करीबी रही है, और वर्तमान समय में जिले के एक चर्चित पैतरा बदलने में माहिर चतुर खिलाड़ी ने उनको जिता कर जिला पंचायत पर कब्जा जमाने की कोशिश के चलते मैदान में उतार दिया है।

विस्तार………

शिवाकांत अवस्थी

रायबरेली: जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस प्रत्याशी आरती सिंह और भाजपा प्रत्याशी रंजना चौधरी के बीच जोर आजमाइश होगी। मंगलवार को नाम वापसी का दिन था, लेकिन दोनों ही उम्मीदवारों ने अपना परचा वापस नहीं लिया। दोनों प्रत्याशियों के मैदान में डटे होने के बाद अब तीन जुलाई को उनके भाग्य का फैसला होगा। तीन जुलाई को मतदान के बाद मतगणना कराई जाएगी। 

     आपको बता दें कि, बीती 26 जून को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू की गई थी। नामांकन में भाजपा प्रत्याशी रंजना चौधरी और कांग्रेस प्रत्याशी आरती सिंह ने परचा भरा था। उसी दिन नामांकन पत्रों की जांच भी की गई थी, जिसमें दोनों परचे वैध पाए गए थे। मंगलवार को नामांकन पत्रों की वापसी का दिन था। दोपहर तीन बजे तक नामांकनपत्र वापस लेने का समय दिया गया था। हालांकि दोनों ही सशक्त दावेदार होने के कारण कोई भी अपना नामांकनपत्र वापस लेने के लिए नहीं पहुंचा। 

नाम वापसी का दिन निकलने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब तीन जुलाई को दोपहर तीन बजे तक डीएम न्यायालय में मतदान होगा।    मतदान के बाद मतगणना की जाएगी। मतगणना के बाद ही परिणाम की घोषणा की जाएगी। 

हालांकि दोनों ही प्रत्याशी किसी भी हाल में सीट को अपने पक्ष में करने के प्रयास में हैं। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) राम अभिलाष ने बताया कि, मंगलवार को नामांकन पत्रों की वापसी का दिन था। एक भी प्रत्याशी ने परचा वापस नहीं लिया। दोनों प्रत्याशी मैदान में हैं। आगामी तीन जुलाई को मतदान के बाद मतगणना कराई जाएगी।

    आपको यह भी बता दें कि, कांग्रेस से उत्तरी आरती सिंह एक बेहद लोकप्रिय चर्चित राजनीतिक परिवार के घराने से संबंध रखती हैं। वह भाजपा के दो बार सांसद व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे स्वर्गीय अशोक सिंह की बहू है। तो दूसरी ओर रंजना चौधरी जिनके बारे में कहा जाता है कि, वह वर्तमान प्रदेश सरकार के एक काबीना मंत्री की काफी करीबी रही है, और वर्तमान समय में जिले के एक चर्चित पैतरा बदलने में माहिर चतुर खिलाड़ी ने उनको जिता कर जिला पंचायत पर कब्जा जमाने की कोशिश के चलते मैदान में उतार दिया है।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *