‘बस अब बहुत हुआ’, शाकिब अल हसन के व्यवहार से दुखी होकर मोनिरुज्जाम ने छोड़ी अंपायरिंग

नई दिल्ली। बांग्लादेश के अंपायर मोनिरुज्जमान ने अंपायरिंग छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने हाल ही में ढाका प्रीमियर लीग के दौरान सीनियर खिलाड़ियों शाकिब अल हसन और महमदुल्लाह के दुर्व्यवहार के बाद यह फैसला किया है। अंपायरिंग छोड़ने के अपने फैसले का ऐलान करते हुए मोनिरुज्जमान ने कहा कि वह अपना आत्मसम्मान बनाए रखना चाहते थे।

मोनिरुज्जमान उस मैच का हिस्सा नहीं थे जिसमें शाकिब अल हसन शामिल थे। हालांकि जिस मैच में महमूदुल्लाह ने अपना आपा खोया तब वह टीवी अंपायर थे।

शाकिब को उनकी इस हरकत के लिए 5800 अमेरिकी डॉलर यानी करीब पांच लाख बांग्लादेशी टका का जुर्माना लगाया गया था। इसके साथ ही उन पर तीन मैचों का प्रतिबंध भी लगाया गया था। इतना ही नहीं मोहम्मद सपॉर्टिंग के अबाहानी लिमिटेड के खिलाफ मैच के दौरान उन्होंने स्टंप्स को लात भी मारी थी।

इस बीच गाजी टैंक क्रिकेटर्स के कप्तान महमूदुल्लाह ने प्राइम बैंक क्रिकेट क्लब के खिलाफ एक मैच के दौरान अपील करते हुए मैदान पर लेट गए थे। महमूदुल्लाह को लेवल-2 के अपराध का दोषी पाया गया था और उन पर दो लाख टका का जुर्माना लगा था।

क्रिकबज को दिए एक इंटरव्यू में मोनिरुज्जमान ने कहा कि खिलाड़ी अंपायर्स के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा, ‘बहुत हो चुका। मैं अब और अंपायरिंग नहीं करना चाहता हूं। अंपायर्स गलती कर सकते हैं लेकिन अगर आपके साथ इस तरह का व्यवहार होता है तो इस काम को करते रहने का कोई तुक नहीं है चूंकि मैं इसे सिर्फ पैसे के लिए नहीं कर रहा हूं।’

मोनिरुज्जमान, आईसीसी एलीट पैनल में अंपायर रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि शाकिब अल हसन और महमूदुल्लाह के व्यवहार से वह सदमे में हैं। उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए कहा, ‘मैं शाकिब के मैच में शामिल नहीं था। जिस तरह का व्यवहार उन्होंने किया उसे पचा पाना मेरे लिए बहुत मुश्किल था। महमूदुल्लाह के मैच की बात करें तो मैं उसमें टीवी अंपायर था और पूरे प्रकरण को काफी नजदीक से देख रहा ता। उस समय मैं बिलकुल स्तब्ध रह गया। मैंने अंपायरिंग जारी नहीं रखने का फैसला किया है।’

उन्होंने कहा, ‘मैं बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का कर्मचारी नहीं हूं और जहां तक अंपायर्स को मिलने वाले पैसे की बात है तो मैं इसे नहीं ले सकते। मैं इसे खेल के प्रति अपने प्यार के लिए करता हूं और इसी वजह से यह काम करता हूं। मैं खुशकिस्मत हूं कि मेरे साथ कभी ऐसा नहीं हुआ लेकिन क्या पता अगले मैच में मेरा नंबर आ जाए।’

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