सहारनपुर में है एक अनोखा पेड़, इस पर लगते हैं 121 किस्म के आम

फलों के राजा आम की जबरदस्त पैदावार के लिए पूरी दुनिया में मशहूर सहारनपुर में एक ऐसा अनोखा पेड़ है, जिस पर 121 किस्म के आम आते हैं। करीब दस साल की कड़ी मेहनत से तैयार हुआ ये आम का अनोखा पेड़ इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सहारनपुर का कंपनी बाग शहर के बीचों-बीच है। शायद ही कहीं इतना बड़ा बाग होगा, जिसमें तरह-तरह के पेड़ लगे हुए हैं। मुगलकालीन इस बाग में विभिन्न शोध और बागबानी के प्रशिक्षण भी दिए जाते हैं। इसी कंपनी बाग में एक ऐसा अनोखा पेड़ है, जिसमें आम की 121 प्रजातियों के फल पैदा हो रहे हैं। करीब 10 साल पूर्व आम के पेड़ पर बांधी गई 121 कलम अब फल देने लगी है।

दस साल की कड़ी मेहनत का है नतीजा
आम उत्पादन के मामले में सहारनपुर को फल पट्टी भी घोषित किया गया है। सहानपुर में आम की नई-नई किस्म पर शोध भी हुए हैं। करीब दस साल पहले कंपनी बाग स्थित औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के तत्कालीन संयुक्त निदेशक राजेश प्रसाद ने आम के एक ही पेड़ पर 121 किस्म के आम की कलम (ब्रांच) लगाई थीं। अब एक ही पेड़ पर 121 तरह की किस्म के आम लगने शुरू हो गए हैं। शोध के लिए जिस पेड़ को चुना गया था, उसकी उम्र उस वक़्त करीब 10 वर्ष थी। उस समय आम के देसी पेड़ की शाखाओं पर अलग-अलग किस्म के आमों की ब्रांच (कलम) लगाई गई थी। इस पेड़ की देखरेख के लिए अलग से नर्सरी इंचार्ज की नियुक्ति की गई थी।

इस पेड़ पर पैदा होती है ये प्रजातियां
अब इस पेड़ पर दशहरी, लंगड़ा, चौंसा, रामकेला, आम्रपाली, सहारनपुर अरुण, सहारनपुर वरुण, सहारनपुर सौरभ, सहारनपुर गौरव, सहारनपुर राजीव, लखनऊ सफेदा, टॉमी ऐट किंग्स, पूसा सूर्या, सैंसेशन, रटौल, कलमी मालदा, बांबे, स्मिथ, मैंगीफेरा जालोनिया, गोला बुलंदशहर, लरन्कू, एलआर स्पेशल, आलमपुर बेनिशा, असौजिया देवबंद समेत 121 किस्म के आम लगते हैं।

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संयुक्त निदेशक औद्योनिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र भानु प्रकाश राम, प्रशिक्षण अधिकारी सुबोध कुमार तोमर, कम्पनी बाग के माली ईश्वर पाल माली और रोहित जयसवाल का कहना है कि आम के पेड़ पर शोध कार्य किए गए हैं। जिस पर अलग-अलग किस्म के आम की ब्रांच लगाई गई थी। अब पेड़ पर अलग-अलग किस्म के आम आने लगे हैं। अब नई प्रजातियों पर भी शोध कार्य चल रहे हैं। जिससे बेहतर किस्म के आम की पैदावार की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जो लोग आम के शौकीन हैं, वो अपने किचन गार्डन या अपने निजी फार्म हाउस पर भी इसी तरह का प्रयोग करके आम की कई किस्मों का आनंद ले सकते हैं।

अंगूर के साइज से लेकर दो किलो वजन तक का पैदा होता है आम
इस पेड़ पर आम की 121 प्रजातियों के फल की पैदावार करने के लिए कंपनी बाग के पूरे स्टाफ को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है। कंपनी बाग के मालिकों ने बताया कि इस पेड़ की देखभाल पूरे साल करनी पड़ती है। पानी, खाद और रोपाई, धुलाई करने के अलावा इस की टहनियों को टूटने से बचाने के लिए सहारा भी देना पड़ता है। आंधी तूफान के समय भी इसकी खास देखभाल की जाती है। लोगों से भी इसको दूर रखा जाता है। इस पेड़ की खासियत यह है कि इसमें अंगूर के दाने जितना बड़ा आम से लेकर 2 किलो वजन तक का आम पैदा होता है।

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