सूदखोरों ने दी पत्नी को उठा लेने की धमकी, हेड मास्टर ने कर ली आत्महत्या

बरेली में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालय के हेड मास्टर ने तीन सूदखोरों से रुपये लिए थे। चार गुना लौटाने के बाद भी सूदखोर और रुपये की मांग कर रहे थे। न देने पाने पर हेडमास्टर को जान से मारने और जेल भिजवाने की धमकी दे रहे थे। सूदखोरों ने जब पत्नी को भी उठाने की धमकी दी तो परेशान होकर हेडमास्टर ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार को आत्महत्या से पहले हेडमास्टर ने अपनी जेब में सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें सूदखोरों से परेशान होने की बात कही है। बता दें कि एक दिन पहले ही बरेली में ही एक लड़की ने सूदखोरों से तंग आकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। पुलिस दोनों मामलों में कार्रवाई कर रही है।

गन्ने के खेत में पड़े मिले हेडमास्टर
आत्महत्या करने वाले हेडमास्टर चंद्रपाल गंगवार बरेली जिले के मीरगंज तहसील क्षेत्र के गांव संजरपुर के निवासी थे। चंद्रपाल को उनके गांव के एक गन्ने के खेत में मंगलवार शाम को पड़ा पाया गया। इसके बाद परिजनों ने उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बुधवार को हेडमास्टर की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने सूदखोरों के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। बरेली के एसपी देहात राज कुमार अग्रवाल ने बताया कि हेडमास्टर चंद्रपाल के सुसाइड नोट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। सूदखोरों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा।

सुसाइड नोट में लिखा- सूदखोर दे रहे थे मारने और पत्नी को उठाने की धमकी
हेडमास्टर चंद्रपाल गंगवार की जेब में सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने कई सूदखोरों द्वारा परेशान किए जाने की बात कही है। एक महिला सूदरखोर समेत तीन सूदखोरों से रुपये सूद पर लेने की बात कहते हुए लिखा है कि इन सूदखोरों ने बदले में उनसे साइन करे हुए ब्लैंक चेक लिए थे। सूदखोरों की चार गुना पैसे देने के बाद भी यह लगातार पैसे वसूलने की धमकियां दे रहे थे। एक सूदखोर ने तो उनकी पत्नी तक को उठा लेने की धमकी दी थी। कई बार वह जान से मारने की धमकी भी दे चुका था। रोज दिन में कई बार फोन कर परेशान किया जा रहा था। इससे परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या का कदम उठाया है।

ट्रांसपोर्टर की बेटी ने भी की आत्महत्या की कोशिश
हेडमास्टर से एक दिन पहले बरेली के राजेंद्र नगर में रहने वाले एक ट्रांसपोर्टर की बेटी ने सूदरखोरों की बदसलूकी से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने उसको समय रहते देख लिया और उसे बचा लिया। उसका एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। ट्रांसपोर्टर ने एक सूदखोर से एक लाख रुपये लिया था। ट्रांसपोर्टर के मुताबिक, वह एक लाख 70 हजार रुपये सूदखोर को दे चुके थे, लेकिन फिर भी वह 70 हजार रुपये और बकाया बता रहा था। इसके लिए सूदखोर ने घर में घुसकर ट्रांसपोर्टर को अपमानित किया। बेटी ने बचाया तो उसे सूदखोर ने बेइज्जत किया। इससे आहत होकर युवती ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। पुलिस ने इस मामले को भी संज्ञान लिया है।

सख्त हुआ प्रशासन, सूदखोरों के खिलाफ चलेगा अभियान
बरेली में पहले भी सूदखोरों के आतंक से परेशान लोग आत्महत्या जैसा कदम उठा चुके हैं। हाल ही में दो घटनाएं सामने आने पर जिला प्रशासन ने अब सूदखोरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आदेश जारी कर दिया है। एडीएम प्रशासन ने बुधवार शाम को जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदार को आदेश जारी करके बिना पंजीकरण और निर्धारित से ज्यादा सूद लेने वाले सूदखोरों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

जरूरत पर पैसा लेना पड़ रहा भारी
सूदखोरों ने आम आदमी बहुत जरूरत होने पर ही पैसा लेता है। एक तो सूदखोर मनमाना ब्याज वसूलते हैं और दूसरा पैसा लेने वाले लगातार पैसा वसूलते हैं और सूद दर सूद बढ़ाते जाते हैं। पैसा लेने वाला बेहद परेशान हो जाता है। पैसा देते-देते थक जाता है, लेकिन सूद नहीं उतरता है।

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