EURO 2020: इंग्लैंड ने खत्म किया 55 साल का सूखा, जर्मनी को 2-0 से हराया

पेनल्टी, सीने में दर्द, गोल को अवैध घोषित करना। इंग्लैंड ने यह सब कुछ झेला। और आखिर 55 साल बाद उसका इंतजार खत्म हुआ। उसने जर्मनी को किसी नॉकआउट मैच में हराया। वह 1966 का साल था जब इंग्लैंड ने वर्ल्ड कप के फाइनल में जर्मनी को मात दी थी।

इंग्लैंड की टीम ने आखिर वेम्बली के स्टेडियम पर खेले गए यूरो कप 2020 के इस मैच में जर्मनी को 2-0 से हराकर यूरो कप के क्वॉर्टर फाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही यह पहली बार था जब इंग्लैंड ने किसी यूरो कप के मुकाबले को 90 मिनट के भीतर जीता हो।

इंग्लैंड के दो ग्रुप मैचों में जीत के नायक रहे रहीम स्टर्लिंग ने यहां भी कमाल दिखाया। उन्होंने 75वें मिनट में गोल कर अपनी टीम को जरूरी बढ़त दिलाई। इसके बाद कप्तान हैरी कैन ने भी गोल किया। रहीम ने इंग्लैंड के लिए 13 मैचों में गोल किए हैं और उसे हर मैच में जीत मिली है।

रहीम का गोल इसलिए भी कमाल रहा क्योंकि गेंद को गोल पोस्ट में धकेलने से पहले वह एक कदम पीछे गए। वह ऑफ साइड थे और अगर वह पीछे नहीं जाते तो गोल अमान्य हो जाता। इतने हाई प्रेशर मैच में इस सजगता को बनाए रखना अपने आप में एक मिसाल है।

दोनों टीमों के बीच किसी बड़े टूर्नमेंट में आखिरी मुलाकात 2010 में हुई थी। जर्मनी ने इस मैच में इंग्लैंड को 4-1 से रौंद दिया था।

जर्मनी की हार के साथ ही ग्रुप ऑफ डेथ कहे जाने वाले ग्रुप की सभी टीमें- फ्रांस, पुर्तगाल और हंगरी पूरी तरह बाहर हो गया।

कोच साउथगेट का भरा घाव
इंग्लैंड की फुटबॉल टीम के मौजूदा कोच गारेथ साउथगेट 25 साल पहले यूरो के सेमीफाइनल में एक खिलाड़ी के तौर पर मैदान में थे। तब जर्मनी के खिलाफ हुए उस मुकाबले में वह एक पेनल्टी चूक गए थे और उनकी टीम बाहर हो गई थी। साउथगेट का 1996 का घाव अब जाकर भरा है जब उनकी कोचिंग में इंग्लिश टीम ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी जर्मनी को 2-0 से शिकस्त देकर यूरो 2020 के क्वॉर्टर फाइनल में जगह बनाई।

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