किसी के साथ न हो ‘ज्यादती’ इंजमाम ने सुझाया WTC फाइनल के लिए खास प्लान

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक (Inzamam-Ul-Haq) ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी राय रखी है। उन्होंने सलाह दी है कि फाइनल में पहुंचने वाली दोनों टीमों को एक-एक मैच आयोजित करने का मौका मिलना चाहिए। उनका कहना है कि इससे यह टूर्नमेंट अधिक संतुलित हो जाएगा।

इंजमाम (Inzamam-Ul-Haq) ने साउथम्पटन (Southampton) में भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) के बीच हुए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (WTC Final) के बाद आया है। इस मैच में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने बेहतर प्रदर्शन किया। हालात भी उनके पक्ष में माने गए थे। वहीं भारतीय टीम, जिसके बारे में कहा जा रहा था कि वह पूरी तरह तैयार नहीं थी। भारतीय गेंदबाज सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी नहीं कर पाए।

अपने यूट्यूब चैनल पर इस मुद्दे पर बात करते हुए इंजमाम (Inzamam-Ul-Haq) ने कहा- ‘मेरी सलाह है कि आप दो टेस्ट मैच खेलें। एक मैच न्यूजीलैंड- या जो भी चैंपियन हो वहां खेलें और दूसरा इंडिया में। इस तरह नतीजा अधिक जायज होगा। अगर यह वर्ल्ड कप की तरह होता जहां सारे मैच एक ही देश में होते हैं, तो अलग बात होती। तो, मेरी राय में भविष्य में WTC के फाइनल होम व अवे आधार पर होना चाहिए। फाइनल में पहुंचने वाली दोनों टीमों को मेजबानी का मौका मिलना चाहिए।’

इंजमाम-उल-हक (Inzamam) ने यह भी कहा कि ‘न्यूट्रल वेन्यू’ क्रिकेट में काम नहीं करता क्योंकि इंग्लिश में परिस्थितियां हमेशा न्यूजीलैंड जैसी होंगी और ऐसे में उसके गेंदबाजों को मदद मिलेगी। इसी तरह भारतीय टीम को घरेलू महाद्वीप की हर परिस्थिति फायदा पहुंचाएगी।

इंजमाम ने कहा, ‘एक टीम उपमहाद्वीप की है और आप उसे इस तरह की परिस्थितियों में खेलने को कह रहे हैं। हार-जीत खेल का हिस्सा है लेकिन आपको कोई मुकाबला देखने को नहीं मिलेगा क्योंकि आप दोनों में से एक टीम को फायदा पहुंचा रहे हैं। न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया में परिस्थितियां लगभग एक जैसी हैं। जब ये टीमें उपमहाद्वीप में खेलने आती हैं तो परिस्थितियां अलग होती हैं और कुछ ऐसा ही यहां की टीमों के साथ होता है। आप कह सकते हैं कि मैच इंग्लैंड में खेला गया था जो न्यूजीलैंड का घरेलू मैदान नहीं है लेकिन ऐसे में आप भारतीय टीम को पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश में खेलने को कहें तो परिस्थितियां एक जैसी ही रहेंगी।’

 

inzamam

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