लगातार तीन हार के बाद जीत, जीत, जीत… महिला हॉकी टीम का ऐसा करिश्माई रहा सफर

भारतीय महिला हॉकी टीम का सपना टूट गया। पहला ओलिंपिक फाइनल खेलने का ख्वाब चकनाचूर हो गया। सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने 1-2 से मात दी। गोल्ड मेडल भले ही हाथ से फिसल गया हो, लेकिन अब एक और उम्मीद बाकी है।

ग्रेट ब्रिटेन से रानी रामपाल की टीम ब्रॉन्ज के लिए खेलेगी। भारत को दूसरे ही मिनट में गुरजीत कौर ने बढत दिलाई थी, लेकिन अर्जेंटीना के लिए कप्तान नोएल बारियोनुएवो ने 18वें और 36वें मिनट में गोल दागे। भारतीय शेरनियों का यह स्वपनिल सफर आसान भी नहीं था।

पहले ही मैच में नीदरलैंड्स ने 5-1 से रौंदा
भारतीय महिला हॉकी टीम ने 25 जुलाई को अपने पूल के शुरूआती मैच में दुनिया की नंबर एक टीम नीदरलैंड के खिलाफ पहले दो क्वार्टर में दमदार खेल दिखाया, लेकिन आखिर में उसे 1-5 से हार झेलनी पड़ी थी। भारत के लिए एकमात्र गोल कप्तान रानी रामपाल ने 10वें मिनट में किया था। पहले दो क्वार्टर तक यह करीबी मुकाबला रहा था। दोनों टीमों के खेल के स्तर में अंतर को पेनल्टी कार्नर हासिल करने से आंका जा सकता है।

जर्मनी के बाद ग्रेट ब्रिटेन से भी हारे
पहली हार के बाद भारत के सामने मजबूत जर्मनी थी। यहां भी निराशा ही हाथ लगी। 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था। जबकि अगले मैच में ग्रेट ब्रिटेन ने भारत को 4-1 से करारी शिकस्त दे दी। दूसरे हाफ में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद धीमी शुरुआत का खामियाजा ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ इस स्कोर लाइन से अंत हुआ। यह महिला हॉकी स्पर्धा के पूल ए में भारत की लगातार तीसरी हार थी।

लगातार तीन हार के बाद पटरी पर लौटी गाड़ी
शर्मनाक शुरुआत के बाद भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल में पहुंचेगी इसकी उम्मीद शायद किसी को नहीं थी। भारतीय महिलाओं ने हिम्मत नहीं हारी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले में टीम इंडिया 4-3 से जीती। आखिरी मैच तो साउथ अफ्रीका के खिलाफ आखिरी मिनटों में गोल करके अपने नाम किया। इसके बाद किस्मत का साथ चाहिए था।

फिर वो हुआ जो असंभव सा था
अगली टक्कर ऑस्ट्रेलिया से थी। तीन बार की चैंपियन वह टीम जो विपक्षी खेमे में घुसकर खेलती है। ग्रुप स्टेज में उसने अपना दबदबा यूं ही दिखाया, उसने कोई मैच नहीं गंवाया। यहां भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर सभी को सन्न कर दिया। तीन हार से शुरुआत, फिर किस्मत का साथ। भारत पहली बार ओलिंपिक के सेमीफाइनल में पहुंच रहा था।

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